टेल्यूरियन के पेट्रोनेट के साथ 2.5 अरब डॉलर के एमओयू की मियाद खत्म, एलएनजी आपूर्ति निविदा से बाहर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 12, 2020

नयी दिल्ली। अमेरिका की ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी टेल्यूरियन भारत को प्रतिस्पर्धी कीमत पर गैस की आपूर्ति करने की निविदा से बाहर हो गई है। इसकी वजह यह है कि पेट्रोनेट एलएनजी के साथ उसके 2.5 अरब डॉलर के हिस्सेदारी बिक्री करार की मियाद समाप्त हो गई है।अधिकारियों ने यह जानकारी दी। देश की सबसे बड़ी गैस आयातक पेट्रोनेट ने 21 सितंबर, 2019 को टेल्यूरियन इंक के प्रस्तावित ड्रिफ्टवुड एलएनजी टर्मिनल से 40 साल तक 50 लाख टन सालाना तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की खरीद के लिए सहमति ज्ञापन (एमओयू) किया था।

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में इसकी समयसीमा बढ़ाकर 31 मई, 2020 की गई थी। इस सौदे के लिए बातचीत में शामिल तीन अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोनेट के प्रवर्तकों ने ऐसे समय इक्विटी निवेश पर सवाल उठाया था, जबकि दुनियाभर में गैस बहुतायत में उपलब्ध है।

इसके अलावा उन्होंने एक ही आपूर्तिकर्ता से 40 साल तक इतनी बड़ी मात्रा में आपूर्ति को लेकर भी सवाल खड़ा था। प्रवर्तकों को संतुष्ट करने तथा यह पता लगाने के लिए कि टेल्यूरियन की एलएनजी कितनी प्रतिस्पर्धी है, पेट्रोनेट ने दस साल तक 10 लाख टन सालाना एलएनजी की खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। पेट्रोनेट की निविदा के लिए टेल्यूरियन सहित 13 आपूर्तिकर्ताओं ने बोली लगाई। अधिकारियों ने बताया कि टेल्यूरियन का नाम नहीं छांटा गया है। निविदा में सिर्फ दो कंपनियां ही पात्र साबित हुई हैं। इनमें से एक कंपनी टेल्यूरियन नहीं है। इस बीच, 2.5 अरब डॉलर के एमओयू करार की मियाद 31 मई को समाप्त हो गई। यह एमओयू बाध्यकारी नहीं था। इस करार की मियाद आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा चल रही थी, लेकिन अभी तक इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है।

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पेट्रोनेट के प्रमुख (वित्त) विनोद कुमार मिश्रा ने 30 जून को बीते वित्त वर्ष के नतीजों की घोषणा के लिए निवेशक कॉल में बताया कि टेल्यूरियन के साथ करार की मियाद समाप्त हो गई है। इसी दिन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रभात सिंह ने मीडिया के साथ कॉल में कहा कि कंपनी सालाना 10 लाख टन एलएनजी आयात के सौदे को पूरा करने के करीब है। यह आयात हाजिर मूल्य के स्तर पर किया जाएगा। इस बारे में सिंह से टिप्पणी नहीं मिल पाई। वहीं टेल्यूरियन को भेजे ई-मेल का जवाब भी नहीं मिला। पेट्रोनेट के मौजूदा कतर और ऑस्ट्रेलिया के साथ दीर्घावधि के करार के तहत एलएनजी की कीमत 3.5 से 4.5 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) बैठती है, जबकि हाजिर मूल्य करीब दो डॉलर प्रति इकाई है। सिंह ने यह भी कहा कि टेल्यूरियन के साथ बातचीत अभी जारी है।

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