By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 08, 2021
मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को महाराष्ट्र के मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता नवाब मलिक को स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), मुंबई क्षेत्रीय इकाई निदेशक समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े द्वारा दायर मानहानि के एक मुकदमे के जवाब में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति माधव जामदार की अवकाशकालीन पीठ ने मलिक को मंगलवार तक अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देने के साथ ही इस मामले को बुधवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया। न्यायमूर्ति जामदार ने कहा, ‘‘आप (मलिक) कल तक अपना जवाब दाखिल करें। यदि आप ट्विटर पर जवाब दे सकते हैं तो आप यहां भी जवाब दे सकते हैं।’’
वाद के जरिये मलिक के बयानों को मानहानिकारक घोषित करने और राकांपा नेता को उनके सोशल मीडिया अकाउंट सहित मीडिया में बयान जारी करने या उसे प्रकाशित कराने पर स्थायी रोक लगाने का अनुरोध किया गयाहै। वाद के जरिये मलिक को, अपने अब तक के सारे मानहानिकारक बयान वापस लेने और वादी तथा उनके परिजनों के खिलाफ पोस्ट किये गये अपने सारे ट्वीट मिटाने का भी निर्देश देने की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि समीर वानखेड़े ने पिछले महीने मुंबई तट के पास एक क्रूज जहाज पर मारे गये छापे का नेतृत्व किया था। क्रूज ड्रग्स मामले के सिलसिले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और 19 अन्य को बाद में गिरफ्तार किया गया था। मलिक ने बारबार क्रूज ड्रग्स मामला ‘फर्जी’ होने का दावा करने के साथ ही एनसीबी के अधिकारी पर अनेक गंभीर आरोपलगाये हैं।