देशभक्ति पढ़ने के दिन आ गए (व्यंग्य)

By संतोष उत्सुक | Mar 30, 2021

ऑनलाइन पढ़ाई ने क्या क्या पढ़ा दिया यह ‘पढ़ना’ बाक़ी है इधर देशभक्ति पढ़ने के दिन भी आ गए हैं। किसी भी विषय में प्रवीणता हासिल करने के लिए संजीदगी ज़रूरी है संभवत इसीलिए देशभक्ति को फिर से समझने और समझाने बारे नियमित कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। हालांकि पहले देशभक्ति संजोए रखने के लिए फ़िल्में भी बनाई जाती रही लेकिन उनमें व्यवसायिक भक्ति ज्यादा होती थी। विश्वगुरुओं के आश्रम में देशभक्ति की क्लास लेने के लिए अब तो हर कोई अध्यापक हुआ जाता है तभी देशवासियों का विद्यार्थी हो जाना स्वाभाविक है। भारत चीन युद्ध के बाद सिनेमा हाल में फिल्म समापन पर राष्ट्रगान दिखाया जाता था, तब देशभक्ति का जुनून होता था, लेकिन कालांतर में दर्शक फिल्म समाप्त होते ही हॉल से बाहर निकलने लगे। ऐसी स्थिति में देशभक्ति खुद असमंजस में पड़ जाती थी। क्या तब देशभक्ति आराम से ओढ़ने की चीज़ हो चुकी थी? फिर कुछ बुद्धिजन कहते रहे कि देशभक्ति प्रमाणित करने या बाज़ू पर चिपकाकर चलने जैसी चीज़ नहीं है लेकिन दूसरे महा बुद्धिजनों को यह कहना अच्छा नहीं लगा। इस दौरान स्थापित सांस्कृतिक परम्परा के निमित ‘प्रबुद्ध’ नेता, ‘ईमानदार’ अफसर व ‘चुस्त’ ठेकेदार जमकर ‘देशभक्ति’ का निर्माण करते रहे। 

इसे भी पढ़ें: हाय! मास्क और दूरी की मज़बूरी (व्यंग्य)

उम्मीद है इस योजना से प्रभावित होकर निजी सेक्टर भी देशभक्ति की कक्षाएं प्रारंभ करेंगे। अनेक ईमानदार कोचिंग सेंटर भी खुलेंगे जहां इस विषय में टॉप करने के लिए टिप्स और खाना मुफ्त दिया जाएगा। क्या इस विषय को इतिहास या हिंदी वाले पढ़ा सकेंगे। आशा है देशभक्ति की कक्षा में पुस्तक प्रेम, वाणी नियंत्रण, पर्यावरण जागरूकता, सचरित्र निर्माण, सामाजिक व आर्थिक समानता के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण की शिक्षा दी जाएगी। देशभक्ति कोर्स में बिगड़े हुए, पुराने व युवा नेताओं को सच बोलने, अफवाहों पर विश्वास न करने, झूठे विज्ञापन, जातिवाद, सम्प्रदायवाद और क्षेत्रवाद को बढ़ावा न देने की वैक्सीन दी जाएगी। देशभक्ति के सम्बन्ध में स्थायी मित्र अमरीका से प्रेरणा ली जा सकती है, जहां देशभक्ति पहनने की चीज़ भी रही है, ऐसा वहां के खास कपड़े भी दिखाते हैं।   

- संतोष उत्सुक

प्रमुख खबरें

Middle East में फिर टेंशन! Israel का दावा- हमने Hezbollah के Naim Qassem को मार गिराया

भारत की Nuclear Power देख काँपा चीन, डर गया पाकिस्तान, India की वैज्ञानिक तरक्की देख दुनिया भी हैरान

युद्ध के माहौल में ऊर्जा की मांग को पूरा करना बड़ी चुनौती!

Israerl-Iran War: ब्रिटेन-फ्रांस ने लेबनान को युद्धविराम के लिए अहम बताया, इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को दहलाया