शांत विज्ञापन पट्टों का बोलता मोहल्ला (व्यंग्य)

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संतोष उत्सुक । Mar 26, 2021 5:14PM
दवाइयों की दुकान का नाम पट्ट बीच में परेशान मरीज सा फंसा हुआ है मानो दर्द निवारक दवा मांग रहा हो, ऊपर ‘दवाइयां’ लिखा तीर युक्त बोर्ड है जो बताता है कि दवाइयों की दुकान बहुत नज़दीक है और गलत जगह खुलने के कारण न चलने की दुविधा से जूझ रही है।

मेरे पड़ोसी तालाब के किनारे, किसी ज़माने की मुसाफिर सराय के खंडहर की डहती दीवारों पर, पुराने व नए साइन बोर्ड्स का मोहल्ला है। किसी युग में हाथ से लिखे विज्ञापन गर्दन निकाल कर नयों को देख रहे हैं। यहां सबसे उजाड़ बोर्ड, इस जगह को टूरिस्ट कैफे बनाने के कई दशक पुराने सरकारी आदेश लिए हुए है। पिछले चुनावी बजट में दी गई सरकारी नौकरियों के लिए कोचिंग देने वाले फिर आ गए हैं, बता रहे हैं, उन जैसा कोई नहीं। एक प्रिंटिंग प्रेस वाले ने दो यहां, दो बोर्ड पास वाले बिजली के पोल पर भी छाप रखे हैं।

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दवाइयों की दुकान का नाम पट्ट बीच में परेशान मरीज सा फंसा हुआ है मानो दर्द निवारक दवा मांग रहा हो, ऊपर ‘दवाइयां’ लिखा तीर युक्त बोर्ड है जो बताता है कि दवाइयों की दुकान बहुत नज़दीक है और गलत जगह खुलने के कारण न चलने की दुविधा से जूझ रही है। दीवार के एक कोने पर, जैसा होटल है वैसी ही खस्ता हालत वाला बोर्ड लगा है जिस पर लाल रंग से ‘हेरिटेज’ शब्द लिखा गया है। इस दीवार पर नोटिस लिखा है कि यहां तीन गाड़ियां पार्क हो सकती हैं, लेकिन लोग पांच तक फंसा देते हैं, कभी कभार किसी का चालान होता है तो यह नोटिस बहुत खुश होता है। अब सरकार ज्यादा सख्त हो गई है और सूचना मोटे अक्षरों में दोबारा लिख दी है। कुछ दिन पहले स्वर्णाक्षरों में लिखा एक बोर्ड, किसी बड़ी राष्ट्रीय कम्पनी ने अविलम्ब गोल्ड लोन देने के लिए लगाया है जो, ‘नो पार्किंग हियर’ के गलत निर्देश देकर डरा हुआ सा है। बिना छत के खंडहर में उगे पौधे अब वृक्ष हो चुके हैं उन्हें कोई नहीं छेड़ता नहीं इसलिए खुश हैं। नामी कम्पनियों के नए विज्ञापन चस्पां हैं जिनकी इन्टरनेट सेवाएं इस क्षेत्र में निम्न स्तरीय हैं। नगरपालिका इन विज्ञापन वालों को नोटिस नहीं भेज सकती क्यूंकि यह प्रभावशाली व्यक्ति का इलाका है।

इन सबके बीच नगर परिषद् का साइन बोर्ड है जिसमें कोविड 19 सुरक्षा योजना के अंतर्गत अंग्रेजी व हिंदी में, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के लिए मना किया गया है। इस बोर्ड के ठीक नीचे और इधर उधर थूकने वाले सज्जन इसे कभी नहीं पढ़ते कि यदि कोई व्यक्ति थूकता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कारवाई की जाएगी तथा जुर्माना भी वसूला जाएगा। यह बोर्ड खुद को क़ानून का रखवाला, सेहत बढाने वाला समझता है लेकिन दूसरे बोर्ड इसका खूब मज़ाक उड़ाते लगते हैं। एक विशाल बोर्ड दूसरी दीवार पर लगा है, जो अपने वैभवशाली, शक्तिशाली मालिक की वजह से बहुत इतराता दिखता है। निश्चित ही नगर परिषद ने इसका किराया कम लिया होगा और ज्यादा महीने तक लगाने दिया होगा।

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यह सभी बोर्ड पर्यावरण के लिए नुकसानदेह सामग्री से बने हैं लेकिन इंसान से भी ज़्यादा निष्क्रिय होने के कारण कुछ कर नहीं सकते। आखिर इन्हें, किसी ने किसी को बेच दिया है और बिना आज्ञा यहां लटका दिया है। इस नामपट्टों के मोहल्ले में सालों पुराने, जंग लगे, कूड़ा हो चुके बोर्ड की इबारत, कड़ा सन्देश देते देते रोज़ मिटती जा रही है कि जो व्यक्ति तालाब या आसपास की खुली जगह पर कूड़ा, कचरा या काठ इत्यादि फेंकेगा उसे क़ानूनन दंडित किया जाएगा।

- संतोष उत्सुक

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