All Party Delegations का कूटनीतिक अभियान अब अंतिम पड़ाव पर, Washington DC में Tharoor Vs Bilawal मुकाबले पर सबकी नजर

By नीरज कुमार दुबे | Jun 04, 2025

पाकिस्तानी आतंकवाद का असली चेहरा पूरी दुनिया के सामने लाने का भारत का कूटनीतिक अभियान अभी जारी है। हम आपको बता दें कि भारत के सात में से पांच सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल अपना अभियान पूरा कर चुके हैं और दो प्रतिनिधिमंडल इस समय विदेश में ही हैं। इनमें से एक कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व वाला सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल भी है जोकि इस समय अमेरिका में है और उसे ना सिर्फ दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश को भारत की बात समझानी है बल्कि अमेरिका में पहुँचे पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल को भी करारा जवाब देना है।

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वाशिंगटन में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘डॉ. शशि थरूर के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन डीसी पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल अगले दो दिन में अमेरिकी संसद और प्रशासन के सदस्यों, थिंक टैंक, मीडिया और नीति निर्माताओं से मुलाकात करेगा तथा उन्हें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत रुख के बारे में जानकारी देगा।’’ प्रतिनिधिमंडल आतंकवाद के विरुद्ध भारत के संकल्प से अमेरिका को अवगत कराएगा तथा आतंकवाद के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर जोर देगा। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य तेजस्वी सूर्या ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से शुरू हुए आतंकवाद के प्रति कोई रत्ती भर सहानुभूति नहीं रखता। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने जिन देशों का दौरा किया, उन्हें ‘‘यह बात बहुत स्पष्ट रूप से समझ आ गई है कि भारत को सैन्य तरीके से जवाब देने के लिए क्यों बाध्य होना पड़ा और उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए भारत के कदमों का समर्थन किया है।’’

हम आपको यह भी बता दें कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आज जब वाशिंगटन में अपनी बैठकें शुरू कीं, उसी समय पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में पाकिस्तान का एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल भी वाशिंगटन डीसी पहुँचा है। बिलावल भुट्टो जरदारी ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से कहा था कि वह अमेरिका की राजधानी में अमेरिका सरकार के प्रतिनिधियों और सांसदों से मुलाकात करेंगे। जरदारी ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात की थी। तेजस्वी सूर्या ने कहा कि यह ‘‘पहली बार नहीं था कि पाकिस्तानियों ने भारत की नकल करने की कोशिश की, बल्कि वे एक सस्ती प्रति बन जाते हैं।’’ उन्होंने कहा कि दुनिया ने लंबे समय से देखा है कि भारत क्या चाहता है और पाकिस्तान क्या चाहता है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध 50 से अधिक आतंकवादियों की पनाहगाह पाकिस्तान में हैं। सूर्या ने कहा, ‘‘इसलिए पाकिस्तान जैसे देश के विमर्श को सूट पहनकर अंग्रेजी बोलने वाले उसके पूर्व विदेश मंत्री बदल नहीं सकते। पाकिस्तान के हाथ खून से इतनी बुरी तरह सने हैं कि रात भर की इस नौटंकी से उन्हें धोया नहीं जा सकता।’’

दूसरी ओर, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व वाले भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की ब्रिटेन यात्रा मंगलवार को लंदन में संसद के दोनों सदनों और ‘इंडिया हाउस’ में कई बैठकों के बाद संपन्न हुई। इस दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख स्पष्ट रूप से पेश किया। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में मीडिया के साथ बातचीत में रविशंकर ने कहा कि पाकिस्तान से किए जाने वाले आतंकवादी हमलों के खिलाफ भारत की कतई बर्दाश्त न करने की नीति को ब्रिटेन में “स्पष्ट रूप से समझा गया।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संसदीय स्तर पर बेहतर आदान-प्रदान को लेकर सहमति भी बनी है। यह प्रतिनिधिमंडल अब बेल्जियम पहुँचा है। बेल्जियम के ब्रुसेल्स में रविशंकर प्रसाद ने कहा, "हम यूरोपीय संघ, बेल्जियम, यहां के समुदाय और अपने रुख पर बात करेंगे। हम यहां मानवाधिकार संस्था से भी बात करेंगे कि आतंकवाद के पीड़ितों के मानवाधिकारों पर भी चर्चा होनी चाहिए।" 

उधर, सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती से मुलाकात की, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ काहिरा की एकजुटता दोहराई और आतंकवाद-रोधी प्रयासों में गहन द्विपक्षीय सहयोग का स्वागत किया। राकांपा (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान विदेश मंत्री से मुलाकात की। ये प्रतिनिधिमंडल के चार देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव है। प्रतिनिधिमंडल ने अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गईत से मुलाकात भी की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को रेखांकित किया। प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ रुख को नयी दिल्ली और अरब लीग दोनों के लिए ‘‘प्राथमिकता’’ बताया।

इस बीच, मलेशिया ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर भारत के रुख से अवगत कराने के लिए वहां से आए सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल को धन्यवाद करते हुये शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी। भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पोस्ट में कहा कि जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मलेशिया की संसद के प्रतिनिधि सदन के अध्यक्ष (दीवान राक्यत) वाईबी तन श्री दातो (डॉ.) जोहरी बिन अब्दुल से मुलाकात की और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की भारत की नीति के बारे में जानकारी दी। उच्चायोग ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में मलेशियाई सांसदों से सहयोग मांगा। अध्यक्ष ने शांति के लिए मलेशिया की प्रतिबद्धता को दोहराया और आतंकवाद से निपटने में भारतीय रुख से अवगत कराने के लिए प्रतिनिधिमंडल को धन्यवाद दिया।

हम आपको यह भी बता दें कि कई प्रतिनिधिमंडल अपनी यात्रा पूरी करने के बाद वापस स्वदेश लौट आये हैं और इनके सदस्य विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर अपनी यात्रा के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं। कूटनीतिक अभियान के बाद स्वदेश लौट रहे सांसद मीडिया से बातचीत में भी अपने अनुभवों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसी क्रम में यूएई, लाइबेरिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और सिएरा लियोन का दौरा करने के बाद भारत लौटे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के नेता और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा है कि दौरा काफी सफल रहा।

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