मेरठ में 75 साल से नागर परिवार ने संभाल रखा है कांग्रेस के आखिरी अधिवेशन में फहराया गया तिरंगा

By राजीव शर्मा | Aug 14, 2021

मेरठ। 23 नवंबर 1946 का वो ऐतिहासिक दिन मेरठ और देश के लिए किसी गौरव से कम नहीं था। इस दिन मेरठ के विक्टोरिया पार्क में कांग्रेस के अंतिम अधिवेशन में देश की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा झंडा फहराया गया था। इस पल के गवाह बने थे मेरठ निवासी कर्नल गणपत राम नागर। इस अधिवेशन में पंडित जवाहर लाल नेहरू, सुचेता कृपलानी और जेबी कृपलानी के अलावा कर्नल शाहनवाज शामिल हुए थे। कांग्रेस के इस अधिवेशन में फहराया गया झंडा आज भी मेरठ के हस्तिनापुर में कर्नल गणपत राम नागर के पौत्र गुरू नागर ने बड़े हिफाजत से संभाल कर रखा हुआ है। 

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कर्नल गणपत राम नागर का जन्म 16 अगस्त 1905 को पंडित विष्णु नागर के घर हुआ था। मेरठ कालेज से पढाई करने के दौरान उनको विदेश भेज दिया गया। जहां पर वे ब्रिटिश आर्मी में 1929 में किंग अफसर के पद पर नियुक्त हुए। इसके बाद 1939 में सिंगापुर के पतन के बाद ये आजाद हिंद फौज में भर्ती हो गए और सुभाष चंद्र बोस के काफी नजदीक होने पर उन्हें मेजर जनरल की पोस्ट से नवाजा गया। गणपत राम नागर के इकलौते बेटे सूरज नाथ नागर भी कुमायूं रेजीमेंट में 1950 से 1975 तक कर्नल के पद पर रहे।

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