By नीरज कुमार दुबे | May 03, 2025
पहलगाम हमले का बदला भारत कैसे लेगा यह प्रश्न पाकिस्तान को दिन-रात परेशान किये हुए है? पाकिस्तान सरकार और सेना के मुख्यालयों में दिन-रात हो रही बैठकों में अनुमान लगाया जाता है कि भारत कैसे हमला कर सकता है फिर उससे बचने के लिए तैयारी शुरू हो जाती है। अगले दिन होने वाली बैठक में अनुमान बदल जाता है और भारत के हमले से बचने के लिए दूसरी तरह से तैयारी शुरू हो जाती है। इसके अलावा, भारत की मार से बचने के लिए तो पाकिस्तान तमाम तरह के इंतजाम कर ही रहा है साथ ही अपनी मूल्यवान संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी जुट गया है। पाकिस्तान की मूल्यवान संपत्तियों में उसके द्वारा पाले पोसे गये आतंकवादी संगठनों के आका भी हैं। बताया जा रहा है कि आतंकवादी संगठनों के आका और उनके कमांडो जोकि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और अंतरराष्ट्रीय सीमा या नियंत्रण रेखा (LoC) के पार स्थित लॉन्चपैड्स में छिपे बैठे थे वह अब लॉन्चपैड्स को खाली करके पीओके के अंदरूनी इलाकों या पाकिस्तान के मुख्य शहरों में लौट गये हैं।
हम आपको यह भी बता दें कि पाकिस्तान को डर है कि भारत लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक और इसके राजनीतिक संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख 77 वर्षीय हाफिज सईद को इस बार निशाना बना सकता है इसलिए उसे तगड़ी सुरक्षा प्रदान की गयी है। रिपोर्टों के मुताबिक हाफिज सईद को अब एक असाधारण सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने सेना के साथ मिलकर स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के पूर्व कमांडोज़ को सईद की सुरक्षा में तैनात कर दिया है। उसके निवास स्थानों, विशेष रूप से लाहौर के घनी आबादी वाले मोहल्ला जोहर में स्थित वर्तमान आवास जिसे "अस्थायी उप-जेल" घोषित किया गया है, पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। यहाँ तक कि एक सीसीटीवी प्रणाली से सुसज्जित नियंत्रण कक्ष अब उस परिसर के एक किलोमीटर के दायरे की निगरानी कर रहा है। यह प्रबंध न केवल हाफिज सईद के पाकिस्तान में दबदबे को दर्शाता है, बल्कि पाकिस्तान की उस गहरी चिंता को भी प्रकट करता है कि भारत की ओर से कोई गुप्त हमला हो सकता है।