By एकता | Jan 11, 2026
ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शन अब हिंसक और दर्दनाक मोड़ ले चुके हैं। मेडिकल कर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने जो खबरें दी हैं, वे रूह कपा देने वाली हैं। बताया जा रहा है कि देश के अस्पतालों में घायलों और शवों की इतनी भीड़ है कि मुर्दाघरों में जगह कम पड़ गई है।
तेहरान के डॉक्टरों ने बताया कि मरने वाले ज्यादातर 20 से 25 साल के युवा हैं। उनके सिर और दिल में सीधे गोलियां मारी गई हैं। स्थिति इतनी खराब थी कि कई लोगों को इमरजेंसी बेड तक पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया।
काशान और शिराज जैसे शहरों से खबर है कि प्रदर्शनकारियों की आंखों में गोलियां मारी गई हैं। घायलों की संख्या इतनी ज्यादा है कि अस्पतालों में ऑपरेशन करने के लिए सर्जन कम पड़ गए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 110 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और लगभग 2,600 लोगों को जेल में डाल दिया गया है। पिछले चार दिनों से ईरान में इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है, जिससे वहां की सटीक जानकारी बाहर आने में बहुत मुश्किल हो रही है।
यह विरोध प्रदर्शन करीब दो हफ्ते पहले महंगाई और खराब आर्थिक स्थिति के खिलाफ तेहरान से शुरू हुआ था, जो अब 100 से ज्यादा शहरों में फैल चुका है। लोग अब सरकार को हटाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी इमारतों और गाड़ियों में आग लगा दी है।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह सरकार लाखों लोगों के खून से बनी है और वह किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को 'विनाशकारी तत्व' बताते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। सेना ने भी घोषणा की है कि वह पुलिस के साथ मिलकर प्रदर्शनों को कुचलेगी।
ईरान के पूर्व राजा के बेटे रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे शहरों के मुख्य केंद्रों पर कब्जा करें और कहा कि वह जल्द ही ईरान लौट सकते हैं।