पंजाब में हिंदू और सिख में कोई अंतर नहीं, मनीष तिवारी बोले- CM चुनने का अधिकार निर्वाचित विधायकों का होता है

By अनुराग गुप्ता | Feb 05, 2022

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की। इस सूची में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी को जगह नहीं मिली है। ऐसे में उन्होंने कहा कि इसकी वजह सब जानते हैं और जहां तक हिंदू-सिख का सवाल है तो पंजाब में यह कोई मुद्दा नहीं है। क्योंकि यह मुद्दा होता तो मैं श्री आनंदपुर साहिब से सांसद नहीं होता। 

कांग्रेस के सर्वे में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेशाध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर सवाल पूछे गए। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सर्वे चरणजीत सिंह चन्नी आगे चल रहे हैं।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुझे आश्चर्य होता अगर मेरा नाम वहां होता, आश्चर्य नहीं है कि यह वहां नहीं है। वजह तो सभी जानते हैं। जहां तक हिंदू-सिख का सवाल है तो पंजाब में यह कभी मुद्दा नहीं था और अगर कभी मुद्दा होता तो मैं श्री आनंदपुर साहिब से सांसद नहीं होता। 

इसे भी पढ़ें: अमृतसर पूर्व में होगा दिलचस्प मुकाबला, सिद्धू और मजीठिया के लिए काफी कुछ लगा दांव पर 

उन्होंने कहा कि पंजाब में हिंदू और सिख में कोई अंतर नहीं है। यह सच है कि उस समय सुनील जाखड़ को रोकने के लिए दिल्ली में बैठे किसी मथाधीश ने इतनी संकीर्ण मानसिकता का इस्तेमाल किया होगा। हाल ही में सुनील जाखड़ ने एक जनसभा में कहा था कि पिछले साल अमरिंदर सिंह को हटाए जाने के बाद 42 विधायक उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे।

उन्होंने कहा था कि सुनील (जाखड़) को 42 वोट, सुखजिंदर रंधावा को 16, महारानी परनीत कौर (अमरिंदर सिंह की पत्नी और पटियाला की सांसद) को 12 वोट, नवजोत सिंह सिद्धू को छह वोट और (चरणजीत सिंह) चन्नी को दो वोट मिले थे।

प्रमुख खबरें

यूपी पर्यटन विभाग ने शुरू किया विजिट माय स्टेट अभियान, 60 सेकंड की रील बनाएंगे युवा

फैसला मंजूर नहीं... Sovereign Rights का हवाला देकर भारत ने ठुकराया सिंधु जल संधि पर Court of Arbitration का फैसला

Shatavari for Women Health: पीरियड्स दर्द और PMS में शतावरी कितनी असरदार? जानें एक्सपर्ट राय

Sri Lanka Supreme Court Bench: जजों के कार्यकाल विस्तार पर छिड़ा विवाद, 22nd Amendment की वैधता पर आएगा बड़ा फैसला