By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 24, 2022
लखनऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को यहां कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय, “राजनैतिक शुद्धीकरण” और “सियासी शुचिता के संस्थान” हैं और चुनाव सुधार की दिशा में उनके सिद्धांत सार्थक सबक हैं। नकवी ने कहा कि देश की चुनावी व्यवस्था, प्रक्रिया में बड़े और कड़े सुधार की जरूरत है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर यहां आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा कि वक्त की जरुरत के हिसाब से विभिन्न चुनावी सुधारों के साथ एक देश एक मतदाता सूची पर भी काम की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार द्वारा चुनावी सुधारों में मतदाताओं के मताधिकार को सरल-सुलभ करना, मतदाता पहचान पत्र का विस्तार, धन-बल पर कानूनी अंकुश, नॉन सीरियस उम्मीदवारों और पार्टियों पर दिशा निर्देश, एवं एक देश, एक चुनाव का आह्वान भी शामिल है। नकवी ने कहा कि चुनावी राजनीति में धन-बल, बाहुबल के प्रति देश को सचेत करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने स्पष्ट संदेश दिया, हमें सही व्यक्ति को वोट देना चाहिए। अवसरवाद जो आज की सियासत का सिद्धांत बन गया है उसके गम्भीर खतरों के प्रति जागरूक करते हुए दीनदयाल उपाध्याय ने कहा कि, अवसरवाद से राजनीति के प्रति लोगों का विश्वास खत्म होता जा रहा है।“ भाजपा नेता ने कहा कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय , प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के दर्शन और अंत्योदय की विचारधारा को मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के संकल्प का हिस्सा बनाया। दीनदयाल उपाध्याय और उनकी आर्थिक नीतियों ने हमेशा गरीबों की भलाई पर जोर देने की बात की है। इस मौके पर उप्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री अम्मार रिजवी, दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मिश्र, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव और संजय चौधरी उपस्थित रहे।