By रेनू तिवारी | Aug 05, 2025
काफी समय से जिस तरह की बयानबाजी बसपा प्रमुख मायावती कर रही है विपक्ष को लगता है कि बहुजन समाज पार्टी और भाजपा में कोई सीक्रेट डील है। विपक्ष के सुर में सुर मिलाने से मायावती दूर रहती है। ऑपरेशन सिंदूर पर मायावती का जो पक्ष रहा उसके बाद ये अटकलें तेज हो गयी कि शायद बसपा-भाजपा के बीच गठबंधन है! अब इस तरह की सारी अटकलों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद खासकर दलित, आदिवासी एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विरोधी तथा इन वर्गों के प्रति जातिवादी मानसिकता रखने वाले कुछ मीडिया बसपा की छवि को बीच-बीच में धूमिल करने व राजनीतिक नुकसान पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, जिसको लेकर पार्टी को लगातार अपने लोगों को इनसे सतर्क करते रहने की जरूरत पड़ती रहती है।’’
बसपा प्रमुख ने कहा, ‘‘पार्टी के लोगों से यह विशेष आग्रह है कि वे राजनीतिक षड्यंत्र के तहत मीडिया के इस प्रकार के घिनौने हथकंडों से हमेशा सावधान रहें और किसी के भी बहकावे में नहीं आयें, क्योंकि जातिवादी तत्व अपने आंबेडकरवादी कारवां को कमजोर करने के घिनौने षड्यंत्र में हमेशा किसी न किसी रूप में लगे रहते हैं।