DMK की मदद से असंतुष्टों को मानने में जुटी कांग्रेस ! आजाद समेत इन नामों को राज्यसभा भेजे जाने की अटकलें

By अनुराग गुप्ता | Jul 05, 2021

नयी दिल्ली। एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक ने अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस को राज्यसभा की एक सीट देने की पेशकश की है। जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि कांग्रेस अपने असंतुष्ट नेताओं को मनाने की कोशिश कर सकती है।

तमिलनाडु के कोटे से सांसद के निधन और इस्तीफे के बाद तीन राज्यसभा सीटें खाली हुई हैं। जिसके बाद दूसरी पार्टियां डीएमके के साथ अपना पेंच भिड़ाने में जुटी हैं। लेकिन डीएमके ने कांग्रेस को राज्यसभा की एक सीट देने की पेशकश कर दी है। जिसके बाद अध्यक्षा सोनिया गांधी तमिलनाडु से उम्मीदवार को अंतिम रूप दे रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एमके स्टालिन ने साल 2019 में कांग्रेस के अनुरोध पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए एक सीट खाली करने के लिए तैयार हो गई थी। लेकिन राजस्थान से एक सीट खाली होने पर उन्हें वहां से राज्यसभा भेज दिया गया था। 

इसे भी पढ़ें: 'मैं कहीं नहीं जा रहा हूं' कहने वाले प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत तृणमूल में होंगे शामिल ! 

G-23 की नाराजगी होगी दूर !

महाराष्ट्र में युवा सांसद राजीव सातव की मृत्यु की वजह से खाली हुई सीट के साथ, तमिलनाडु की एक सीट के लिए पार्टी संभावित उम्मीदवारों के नाम पर विचार कर रही है। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी अपने असंतुष्टों को मानने का प्रयास कर सकती है। ऐसे में जी-23 में शामिल नेताओं को राज्यसभा भेजे जाने की संभावनाएं ज्यादा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि गुलाम नबी आजाद को वापस से राज्यसभा भेजा जा सकता है।

बता दें कि तमिलनाडु में कांग्रेस के 18 विधायक हैं। द्रमुक की मदद से कांग्रेस अपने उम्मीदवार को राज्यसभा भेज सकती है और वैसे भी गुलाम नबी आजाद के रिश्ते सभी पार्टी के नेताओं के साथ बेहतर हैं। जिनका उन्हें फायदा मिल सकता है।

कांग्रेस को महाराष्ट्र से अपने उम्मीदवार को राज्यसभा भेजने में थोड़ी मुश्किल हो रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पार्टी आलाकमान तीन नेताओं पर विचार कर रहा है। जिसमें मुकुल वासनिक, राजीव शुक्ला और रजनी पाटिल हैं। लेकिन मुकुल वासनिक को राज्यसभा भेजने की संभावना ज्यादा लगती है। क्योंकि वो गांधी परिवार के करीबी थे लेकिन पार्टी नेतृत्व को लेकर असंतुष्ठ 23 नेताओं में शामिल हो गए। जिसके बाद पार्टी नेताओं की नाराजगी को खत्म करने के लिए यह कदम उठा सकती है। 

इसे भी पढ़ें: प्रियंका ने चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीति की साफ, बोलीं- सबसे महत्वपूर्ण होगी कार्यकर्ताओं की राय 

संगठन को मजबूत करने में जुटी पार्टी

भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों को लेकर कांग्रेस कई मोर्चों पर जूझ रही है। आगामी साल में पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में पार्टी अपने नाराज नेताओं को मनाकर संगठन को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या पंजाब में अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के आमने-सामने आने से खड़ी हुई है। हालांकि कहा जा रहा है कि इस सप्ताह पार्टी इसपर कोई बड़ा फैसला कर सकती है।

प्रमुख खबरें

Tata Sons के चेयरमैन पद पर 5 साल और रहेंगे N Chandrasekaran, बोर्ड ने दी मंजूरी, नोएल टाटा ने दर्ज कराई आपत्ति

दायरा मूवी रिव्यू: करीना और पृथ्वीराज की इंसाफ़ की तीखी लड़ाई, पर व्यवस्था के सवालों के बीच रह गया असर अधूरा

Teqball में लगातार दो मैच हारकर Asian Games 2026 क्वार्टर फाइनल से बाहर हुआ भारत

Semicon India में Tata Electronics करेगी 16 वैश्विक समझौतों पर हस्ताक्षर