By अभिनय आकाश | Aug 22, 2024
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। अपराध को छुपाने की कोशिश और ममता बनर्जी प्रशासन द्वारा दिखाई गई असंवेदनशीलता ने लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया। सोशल मीडिया पर भी विरोध प्रदर्शन और आक्रोश था, जिसमें फर्जी खबरें ऑनलाइन प्रसारित की गईं। दावों में से एक यह था कि रेड-लाइट जिले सोनागाछी की यौनकर्मियों ने दुर्गा मूर्तियों के लिए वेश्यालय की मिट्टी देने से इनकार कर दिया।
इंडिया टुडे ने इसको लेकर सेक्स वर्कर से बात करते हुए एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में बंगाल के सोनागाछी की एक महिला सेक्स वर्कर ने कहा कि ये कोई ताज़ा मामला नहीं है। कई वर्षों से मिट्टी उपलब्ध नहीं करायी गयी है। हमारे समाज में अभी भी पेशे के रूप में सेक्स वर्क को स्वीकार्यता नहीं है। हम लंबे समय से सेक्स वर्क के लिए मान्यता की मांग कर रहे हैं। खुलासा करते हुए कहा कि यह मुद्दा संबंधित नहीं था। सेक्स वर्कर्स और इस पेशे से जुड़ी हर महिला को बहुत अपमान सहना पड़ता है। हमें लगातार शोषण का सामना करना पड़ता हैष यह साल के केवल चार दिन (दुर्गा पूजा के) नहीं हैं, हमें साल के हर दिन का सम्मान चाहिए। जब हम अपने अधिकार प्राप्त कर लेंगे और सम्मानित होंगे, तो हम मिट्टी प्रदान करेंगे।
वेश्यालय की मिट्टी से बनती है दुर्गा प्रतिमा
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार दुर्गा पूजा के लिए माता दुर्गा की जो मूर्ति बनाई जाती है उसके लिए 4 चीजें बहुत जरूरी होती हैं। पहली गंगा तट की मिट्टी, दूसरी गोमूत्र, गोबर और वेश्यालय की मिट्टी या किसी भी ऐसे स्थान की मिट्टी जहां जाना निषेध हो। इन सभी को मिलाकर बनाई गई मूर्ति ही पूर्ण मानी जाती है। मान्यतानुसार जब तक इस जगह की मिट्टी नहीं मिलती है तब तक दुर्गा मूर्ति का निर्माण अधूरा माना जाता है। यदि किसी वजह से इस मिट्टी के बिना ही दुर्गा प्रतिमा बना दी जाती है तो उस मूर्ति का पूजन माता दुर्गा स्वीकार नहीं करती हैं।