Prabhasakshi NewsRoom: Trump और Harris में कांटे की टक्कर, अमेरिकी इतिहास का सबसे करीबी मुकाबला होगा इस बार का राष्ट्रपति चुनाव

By नीरज कुमार दुबे | Nov 04, 2024

अमेरिका में 47वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मंगलवार को होने वाले मतदान से पहले ताजा सर्वेक्षण में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है। हम आपको बता दें कि कमला हैरिस (60) डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं और 78 वर्षीय ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं। चुनाव जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को निर्वाचक मंडल के 270 वोट की जरूरत होती है। हालिया सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि चुनाव का फैसला सात राज्यों एरिजोना, नेवादा, विस्कॉन्सिन, मिशिगन, पेंसिल्वेनिया, उत्तरी कैरोलाइना और जॉर्जिया के नतीजों से होगा। इनमें से मिशिगन और पेंसिल्वेनिया 270 के आंकड़े तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘सिएना कॉलेज’ के सर्वेक्षणों में पाया गया है कि हैरिस उत्तरी कैरोलाइना और जॉर्जिया में ताकत हासिल कर रही हैं, जबकि ट्रंप ने पेंसिल्वेनिया में उनकी बढ़त का सिलसिला थाम दिया है और एरिजोना में अपनी बढ़त बनाए रखी है।

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इस बीच, चुनाव के दिन की उल्टी गिनती शुरू होने के साथ ही पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने 2020 के चुनाव की कड़वी यादें ताजा करते हुए कहा है कि उन्हें व्हाइट हाउस नहीं छोड़ना चाहिए था। उनके इस बयान से यह आशंका पैदा हो गई कि अगर वह हैरिस (60) से चुनाव हार गए तो शायद वह पांच नवंबर के मतदान के नतीजे को स्वीकार नहीं करेंगे। पूर्व राष्ट्रपति ने पेंसिल्वेनिया के लिटिट्ज में एक रैली में कहा, ‘‘मुझे (व्हाइट हाउस से) नहीं जाना चाहिए था। मैं ईमानदारी से कह रहा हूं, क्योंकि... हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।’’ हम आपको यह भी बता दें कि ट्रंप ने ताजा सर्वेक्षण को खारिज करते हुए कहा है कि यह डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में नहीं है।

दूसरी ओर, कमला हैरिस का कहना है कि पूरे देश में अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि लोग नफरत तथा भेदभाव को खत्म करने के लिए और आगे बढ़ने का नया रास्ता तैयार करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हैरिस ने मिशिगन के डेट्रॉयट स्थित एक चर्च में अपने भाषण में कहा, ‘‘जब मैं अपने खूबसूरत देश में एक राज्य से दूसरे राज्य और एक चर्च से दूसरे चर्च की यात्रा करती हूं तो मेरे मन को काफी सुकून मिलता है। मैं एक ऐसा राष्ट्र देखती हूं जो नफरत और भेदभाव को खत्म करने और देश को आगे बढ़ाने के लिए नया मार्ग तैयार के वास्ते दृढ़ संकल्पित है।’’ हैरिस ने कहा कि अपने प्रचार अभियान के दौरान उन्होंने देखा कि तथाकथित ‘रेड स्टेट’ (जहां मुख्य मतदाता एक तरफा रिपब्लिकन पार्टी को वोट देते हैं) और तथाकथित ‘ब्लू स्टेट’ (जहां मुख्य मतदाता एक तरफा डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट देते हैं) के लोग इतिहास को बदलने के लिए तैयार हैं।

अपने प्रचार अभियान के अंतिम चरण में हैरिस ने कहा, ‘‘मैं देखती हूं कि हमारे यहां युवा पीढ़ी, युवा नेताओं की संख्या अच्छी खासी है। यह देखकर आपको प्रेरणा मिलेगी कि वे किस तरह बदलाव के लिए एकजुट हो रहे हैं। मुझे इस पीढ़ी के बारे में जो बात पसंद है, वह यह है कि वे हमेशा उत्सुक रहते हैं। जब मैं अपने देश की यात्रा करती हूं, तो मैं देखती हूं कि जो पड़ोसी कभी एक दूसरे के लिए अजनबी थे वे अब एक दूसरे की मदद कर रहे हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग भेदभाव को बढ़ाना चाहते हैं, नफरत फैलाना चाहते हैं, भय फैलाना चाहते हैं और अराजकता पैदा करना चाहते हैं लेकिन ‘‘हमारे देश में यह चीज (लोगों की एकजुटता) दलीय राजनीति से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।''

हैरिस ने अपनी टिप्पणियों में गाजा में युद्ध का भी जिक्र किया, जिसे राज्य में अरब अमेरिकी मतदाताओं तक पहुंचने के प्रयास के रूप में देखा गया। उन्होंने कहा, ‘‘गाजा में मृत्यु और विनाश के पैमाने को देखते हुए तथा लेबनान में आम नागरिकों के मारे जाने और विस्थापन को देखते हुए कहा जा सकता है कि यह वर्ष मुश्किल भरा रहा है। यह विनाशकारी है।’’ हम आपको बता दें कि पूरे प्रचार अभियान के दौरान हैरिस इस चुनाव को देश की मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने वाले चुनाव के रूप में पेश कर रही हैं, जबकि ट्रंप अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और अमेरिका को अवैध प्रवासियों से मुक्ति दिलाने का वादा कर रहे हैं।

इस बीच, यह भी खबर है कि अमेरिका भर में प्रारंभिक और डाक से मतदान पर नजर रखने वाले फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के ‘इलेक्शन लैब’ के अनुसार, रविवार तक 7.5 करोड़ से अधिक अमेरिकी लोग अपने वोट डाल चुके हैं।

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