By एकता | Aug 24, 2026
आजकल डेटिंग और रिलेशनशिप का तरीका तेजी से बदल रहा है। कई बार कोई व्यक्ति रिश्ते की शुरुआत में बहुत प्यार और अपनापन दिखाता है, लेकिन जैसे-जैसे रिश्ता गहरा होने लगता है, वह अचानक दूरी बनाने लगता है। पार्टनर के इस बदलते व्यवहार से सामने वाला समझ नहीं पाता कि आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया।
आसान भाषा में समझें तो पफर फिशिंग में कोई व्यक्ति डेटिंग के शुरुआती दौर में काफी प्यार, ध्यान और अपनापन दिखाता है। वह पार्टनर से लंबी बातें करता है, अपनी भावनाएं शेयर करता है और रिश्ते को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाता है।
लेकिन जैसे ही उसे लगता है कि रिश्ता सीरियस हो रहा है और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं, वह अचानक अपना व्यवहार बदल लेता है। वह कम बात करने लगता है, दूरी बनाने लगता है और उसका रवैया पहले की तुलना में ठंडा हो जाता है। इस बदलाव की वजह से दूसरा व्यक्ति अक्सर कन्फ्यूज हो जाता है कि आखिर रिश्ते में ऐसा क्या बदल गया।
पफर फिशिंग नाम पफर फिश के व्यवहार से लिया गया है। खतरा महसूस होने पर यह मछली अपने शरीर में पानी भरकर फूल जाती है। इसके साथ ही उसके कांटे भी बाहर निकल आते हैं। इसी व्यवहार को रिश्तों से जोड़कर देखा जाता है। जब किसी व्यक्ति को लगता है कि रिश्ता बहुत करीब या गंभीर हो रहा है, तो वह खुद को बचाने के लिए भावनात्मक रूप से पीछे हटने लगता है।
इस तरह के व्यवहार के पीछे अलग-अलग वजहें हो सकती हैं। पहली वजह यह हो सकती है कि व्यक्ति वास्तव में किसी गंभीर रिश्ते या कमिटमेंट में दिलचस्पी नहीं रखता। इसलिए जब रिश्ता आगे बढ़ने लगता है, तो वह दूरी बनाने लगता है।
दूसरी वजह पिछले रिश्ते का खराब अनुभव भी हो सकता है। कुछ लोग पुराने रिश्ते में मिले दर्द या धोखे के बाद दोबारा भावनात्मक रूप से चोट खाने से डरते हैं। ऐसे में उन्हें कमिटमेंट अच्छा तो लगता है, लेकिन जब रिश्ता गंभीर होने लगता है तो वे खुद को बचाने के लिए पीछे हट जाते हैं।
पफर फिशिंग को समझने के लिए पार्टनर के व्यवहार में बार-बार होने वाले बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है। इसके कुछ सामान्य संकेत हो सकते हैं।
शुरुआत में बहुत ज्यादा जुड़ाव: रिश्ते की शुरुआत में पार्टनर आपसे लगातार बात करता है, गहरी बातें शेयर करता है और आपके साथ ज्यादा समय बिताना चाहता है।
रिश्ता गंभीर होते ही दूरी: जैसे ही रिश्ता आगे बढ़ने लगता है या कमिटमेंट की बात आती है, पार्टनर अचानक दूरी बनाने लगता है।
मैसेज और एफर्ट कम होना: पहले तुरंत जवाब देने वाला पार्टनर बाद में मैसेज का देर से जवाब देने लगता है। बातचीत और रिश्ते में उसका एफर्ट भी कम दिखाई देने लगता है।
भविष्य की बातों से बचना: पार्टनर रिश्ते के भविष्य, शादी या साथ में आगे की जिंदगी जैसे विषयों पर बात करने से बचने लगता है।
नजदीकी के बाद अचानक बदलाव: कभी-कभी भावनात्मक या रोमांटिक रूप से करीब आने के बाद पार्टनर अचानक ठंडा व्यवहार करने लगता है और दूरी बना लेता है।
हमेशा कन्फ्यूजन में रहना: अगर आपको लगातार यह समझ नहीं आ रहा कि पार्टनर आपके साथ रहना चाहता है या नहीं और उसका व्यवहार बार-बार बदल रहा है, तो यह भी एक संकेत हो सकता है।
ऐसे रिश्ते में सबसे जरूरी है कि पार्टनर के व्यवहार को समझने की कोशिश करें और खुलकर बातचीत करें। हर बार दूरी बनाने का मतलब यह नहीं होता कि व्यक्ति जानबूझकर पफर फिशिंग कर रहा है। कभी-कभी व्यक्तिगत तनाव, पुराने रिश्तों का असर या कमिटमेंट का डर भी इसके पीछे हो सकता है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पार्टनर से साफ बातचीत करना बेहतर है। रिश्ते में प्यार के साथ स्पष्ट बातचीत, भरोसा और दोनों की सहमति भी जरूरी होती है।