By अनन्या मिश्रा | Aug 25, 2026
आज के समय में महिलाओं को पीरियड्स और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या काफी आम हो गई है। खानपान सही न होना, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, तनाव के कारण पीरियड्स और ओव्युलेशन अनियमित हो जाता है। जिस कारण कंसीव करने में मुश्किल होती है। लेकिन डाइट और लाइफस्टाइल को सही करके इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
सुप्त बद्ध कोणासन करना ज्यादा मुश्किल नहीं है। लेकिन अगर आप रूटीन में योगा नहीं करती हैं, तो आपको शुरूआत में थोड़ा मुश्किल हो सकती है। आप शुरूआत में इसको किसी योगा ट्रेनर की निगरानी में भी कर सकती हैं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर बैठ जाएं।
आप चाहें तो इस आसन को सोने से पहले बिस्तर पर भी कर सकती हैं।
आपको सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें और एड़ी को पेल्विक फ्लोर की ओर ले जाएं।
दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं, फिर घुटनों को तितली तरह दोनों तरफ से खोलें।
इस दौरान ध्यान रहे कि तलवे एकदम जुड़े होने चाहिए।
एड़ियों को जितना हो सके, पेल्विक फ्लोर के पास ले जाएं।
रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधा रखें और शरीर से हाथों को दूर रखें। वहीं अपनी हथेलियों को ऊपर की तरफ रखें।
इसके बाद सांस लेते हुए घुटनों के ऊपर की ओर ले जाएं।
इस दौरान आपको पेल्विक फ्लोर पर खिंचाव लगना चाहिए।
फिर पैरों को वापस अपनी पोजीशन में ले आएं।
सुप्त बद्ध कोणासन को करने से शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं। खासकर यह आसन उन महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है। जो कंसीव करने की प्लानिंग कर रही हैं, या फिर जिनको पीरियड्स से जुड़ी समस्या है।
इस आसन को करने से पीरियड्स में होने वाली समस्याएं दूर होती हैं।
इस आसन को करने से महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ को सुधारने में मदद करता है।
इस आसन को करने से पेल्विक फ्लोर का तनाव कम होता है।
सुप्त बद्ध कोणासन पेल्विक फ्लोर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधारता है। वहीं इससे रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स तक सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है।
इस आसन को करने से हार्मोनल इंबैलेंस दूर होती है और ओव्युलेशन को हेल्दी बना सकता है।
सोने से पहले इस आसन को करने से स्ट्रेस कम होता है।
सुप्त बद्ध कोणासन करने से शरीर रिलैक्स होता है और मेंटल हेल्थ बेहतर होती है।
अगर आप भी कंसीव करने का प्लान कर रही हैं, तो इसको रूटीन में जरूर शामिल करें।