By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 20, 2020
नयी दिल्ली। तिहाड़ जेल अधिकारियों ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए दंगों के मामले में गैरकानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम के तहत गिरफ्तार छात्र कार्यकर्ता गुलफिशा खातून कथित तौर पर “आक्रामक” है और उसने कई मौकों पर जेल कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत में अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अदालत में खातून की उस याचिका पर सुनवाई हो रही थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि जेल कर्मियों द्वारा उनपर सांप्रदायिक टिप्पणी की जाती है और मानसिक उत्पीड़न किया जाता है। तिहाड़ जेल अधीक्षक ने याचिका पर 15 अक्टूबर को दिये गए जवाब में कहा कि कर्मचारियों से कथित तौर पर दुर्व्यवहार के लिये उसे पहले भी सुधारात्मक दंड दिया गया था जिससे वह अपने व्यवहार को बदले।