By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2026
तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को गृह मामलों की संसदीय समिति से पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की भूमिका पर चर्चा करने का आग्रह किया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिति के अध्यक्ष राधामोहन दास अग्रवाल ने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर जल्द ही चर्चा की जाएगी।
बैठक शुरू होते ही ओब्रायन ने समिति के अध्यक्ष और वहां मौजूद अन्य सदस्यों को पत्र सौंपा। सूत्रों के अनुसार इस पत्र में इस ओर इशारा किया गया कि पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के दौरान 2.4 लाख से ज्यादा सीएपीएफ जवान तैनात किए गए थे, जबकि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान पूरे देश में सीएपीएफ के 3.4 लाख जवान तैनात किए गए थे। पत्र में दावा किया गया कि चुनाव के बाद हिंसा रोकने के लिए पश्चिम बंगाल में 700 से ज्यादा कंपनियां, यानी सीएपीएफ के लगभग 70,000 जवान तैनात रहे।
एक सूत्र ने बताया कि इसमें दावा किया गया कि हिंसा की घटनाएं अब भी सामने आ रही हैं और ज्यादातर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है। बैठक में शामिल सांसदों के अनुसार, अधिकतर सदस्य चर्चा करने पर सहमत हुए और अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर जल्द ही चर्चा की जाएगी। यह मुद्दा ऐसे समय में उठा है जब तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक-दूसरे पर अपने सदस्यों और समर्थकों पर हमले करने का आरोप लगा रहे हैं।