Health Tips: मुंह-फेफड़े के कैंसर से लेकर हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता हैं तंबाकू का सेवन, आज ही बना लें दूरी

By अनन्या मिश्रा | Jun 19, 2025

तंबाकू के मुंह के रोग-ओरल कैंसर और धूम्रपान को फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण माना जाता है। लेकिन इसका जोखिम यहीं तक सीमित नहीं रहता है। लेकिन तंबाकू और धूम्रपान आपके संपूर्ण शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं गड़बड़ लाइफस्टाइल और खान-पान से संबंधित दिक्कतों के कारण गंभीर और क्रॉनिक बीमारियां होती हैं। लेकिन जिस आदत की वजह से स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है, वह तंबाकू और धूम्रपान की आदत है।

तंबाकू स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसानदायक हो सकता है। यह शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंचाता है। वहीं कई अध्ययन से यह पता चलता है कि तंबाकू का सेवन असमय मृत्यु का कारण है। वहीं देश की एक बड़ी आबादी खासकर युवा इसका शिकार हो रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो आमतौर पर तंबाकू और धूम्रपान के कारण हार्ट अटैक और मस्तिष्क संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको तंबाकू की वजह से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बताने जा रहे हैं।

धूम्रपान के रूप में तंबाकू फेफड़ों और श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इससे फेफड़ों के कैंसर होने की संभावना 15 गुना तक बढ़ जाती है। वहीं जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनमें सीओपीडी रोग होने का खतरा अधिक रहता है। यह फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है, इसमें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 90% फेफड़ों के कैंसर के मामलों के लिए धूम्रपान की आदत को मुख्य कारक माना जाता है।

मुंह-गले से संबंधित बीमारियां

खैनी, बीड़ी और गुटखा जैसी चीजें मुंह की बीमारियों से लेकर ओरल कैंसर के खतरे को कई गुना तक बढ़ा देती है। जो लोग तंबाकू चबाते हैं, उनके मुंह में कैंसर होने का खतरा हो सकता है। तंबाकू में मौजूद तत्व निकोटीन मसूड़ों और दांतों को कमजोर करता है। वहीं इससे पायरिया का खतरा भी बढ़ा सकता है। भारत में मुंह का कैंसर सबसे आम कैंसर में से एक है।

तंबाकू-धूम्रपान से होते हैं ये खतरे

धूम्रपान हृदय और रक्तचार की धड़कन को बढ़ाता है, जिस कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड ब्लड में थक्के बना सकते हैं। जिसकी वजह से मस्तिष्क में ब्लड की आपूर्ति रुक सकती है और स्ट्रोक का खतरा रहता है।

निकोटीन नशे की लत पैदा करने वाला रसायन है, जो दिमाग के डोपामिन को असंतुलित करता है। जिससे चिंता और अवसाद होता है।

प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों पर भी इसका असर होता है। वहीं प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी तरह से तंबाकू का सेवन करने से गर्भपात और समय से पहले प्रसव के खतरे को बढ़ा देती है।

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