By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 04, 2023
इमरान खान को राहत देते हुए इस्लमाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निचली अदालत के उस फैसले को दरकिनार कर दिया जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ तोशखाना भ्रष्टाचार मामले में फौजदारी मुकदमे की पोषणीयता बरकरार रखी गई थी। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने तोहफों की खरीद-बिक्री के मामले में इमरान खान (70) के खिलाफ सुनवाई जिला अदालत में करने के विरूद्ध पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा दायर कई याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत के मुख्य न्यायाधीश आमेर फारूक ने फैसला सुनाते हुए शुक्रवार को सत्र अदालत को यह भी आदेश दिया कि वह मामले में नये सिरे से सुनवाई करके फिर से तय करे कि मुकदमा सुनवाई योग्य है या नहीं। इससे पहले, पाकिस्तान उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में सुनवाई के खिलाफ दायर इमरान खान की याचिका खारिज कर दी।
हालांकि, इसने शुक्रवार तक आगे की कार्यवाही स्थगित करके पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख को राहत भी दी थी ताकि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) द्वारा कोई प्रतिकूल आदेश पारित होने की स्थिति में वह फिर से अदालत का दरवाजा खटखटा सकें। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हुमायूं दिलावर तोशाखाना मामले की सुनवाई कर रहे हैं। यह मामला पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) द्वारा दायर एक आपराधिक शिकायत पर आधारित है कि खान ने तोशाखाना से अपने पास रखे उपहारों का विवरण जानबूझकर छिपाया था। इस्लामाबाद की एक सत्र अदालत ने पिछले महीने फैसला किया था कि खान के खिलाफ पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) का मामला चलाये जाने योग्य है, जिसे आईएचसी में चुनौती दी गई थी। हालांकि, अदालत ने मामले को किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने की खान की अपील को खारिज कर दिया गया था।