एसकेएम ने शीतकालीन सत्र में संसद तक रोजाना ट्रैक्टर मार्च निकालने की घोषणा की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 10, 2021

नयी दिल्ली|  संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने मंगलवार को कहा कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का एक साल पूरे होने के मौके पर 500 किसान हर दिन 29 नवंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के दौरान संसद तक शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च में हिस्सा लेंगे।

इसे भी पढ़ें: पंजाब सरकार गन्ने के मूल्य में वृद्धि का 70 प्रतिशत हिस्सा वहन करेगी

चालीस किसान संघों के संगठन एसकेएम ने यहां एक बैठक के बाद ट्रैक्टर मार्च की घोषणा की। संगठन ने एक बयान में कहा कि आंदोलन के एक साल पूरे होने के अवसर पर 26 नवंबर और इसके बाद देशभर में आंदोलन को ‘‘व्यापक रूप से’’ धार दी जाएगी।

बयान में कहा गया, एसकेएम ने फैसला किया है कि 29नवंबर से इस संसद सत्र के अंत तक, 500 चुनिंदा किसान स्वयंसेवक राष्ट्रीय राजधानी में विरोध करने के अपने अधिकार के तहत शांतिपूर्वक और पूरे अनुशासन के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली में हर दिन संसद तक जाएंगे।

इसमें कहा गया कि यह केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए तथा उसे उन मांगों को स्वीकार करने के लिए मजबूर करने के वास्ते किया जाएगा, जिनके लिए देशभर के किसानों ने एक ऐतिहासिक संघर्ष शुरू किया है। इससे पहले मार्च में भी किसानों ने विवादित तीन कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए संसद तक पैदल मार्च निकाला था।

इस साल 26 जनवरी को हुई ट्रैक्टर रैली हिंसक हो गई थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक तोड़ दिए थे और सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया तथा लालकिला परिसर में घुसकर वहां एक धार्मिक झंडा लगा दिया था। एसकेएम के बयान में कहा गया है कि 26 नवंबर को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान से दिल्ली की सभी सीमाओं पर भारी भीड़ जुटेगी।

इसने कहा, “एसकेएम में शामिल सभी किसान यूनियन इस अवसर के लिए बड़ी संख्या में किसानों को लाएंगी। उस दिन वहां (सीमाओं पर) विशाल जनसभाएं होंगी। इस संघर्ष में अब तक शहीद हुए 650 से अधिक लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।’’

एसकेएम ने 26 नवंबर को राज्यों की राजधानियों में बड़े पैमाने पर महापंचायतों का भी आह्वान किया है। किसान नेता और राष्ट्रीय किसान मजदूर सभा के प्रतिनिधि अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि संसद जाने के रास्ते में दिल्ली पुलिस जहां भी रोकेगी, किसान वहीं धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मार्ग को अंतिम रूप देने और ट्रैक्टर मार्च के लिए पुलिस की अनुमति के बारे में कोई भी निर्णय बाद में लिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश के बागपत में कर्ज में डूबे किसान ने आत्महत्या की

कोहाड़ ने पीटीआई-से कहा, ‘‘आज की बैठक में सिर्फ ट्रैक्टर मार्च का फैसला किया गया। मार्ग और अनुमति के बारे में तौर-तरीके कुछ दिनों में तय किए जाएंगे। संसद के रास्ते में, अगर पुलिस हमें रोकती है तो हम वहीं बैठेंगे जहां हमें रोका जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर मार्च शांतिपूर्ण व अनुशासित तरीके से निकाला जाएगा। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा।

प्रमुख खबरें

TCS और Porsche के बीच ₹14,000 करोड़ की Strategic Partnership, ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग में आएगा बड़ा बदलाव

FIH World Cup: Argentina से हारकर India सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर, टूटा भारत का सपना।

पहले हंसे, फिर किया इशारा, कुछ इस तरह तुर्किए-पाकिस्तान-बांग्लादेश की जयशंक ने उड़ा दी नींद!

Amravati Hospital में आग की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनी, 8 दिन में देगी रिपोर्ट