क्या है Airport Transit Visa? Indian Passport पर विदेश यात्रा के वक्त कब पड़ती है इसकी जरूरत?

By दिव्यांशी भदौरिया | Jan 20, 2026

अगर आप इंटरनेशनल यात्रा का प्लान कर रहे हैं, तो भारतीय नागरिकों को ट्रांजिट वीजा को समझना जरुरी है। अक्सर होता है कि कई लंबी दूरी के रुट पर दूसरे देश में प्लेन बदलना पड़ता है और ऐसे में ट्रांजिट वीजा की जरुरत होगी या नहीं, यह उन बातों पर निर्भर करता है जिन्हें टिकट बुक करते समय अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इनमें ट्रांजिट देश के भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए नियम, लेओवर की अवधि और प्रकृति और क्या यात्री को रास्ते में इमिग्रेशन क्लियर करने की जरूरत है, ये सब शामिल हैं। ट्रांजिट वीजा की जरूरतें हमेशा साफ नहीं होतीं। थोड़े समय के स्टॉप का मतलब यह नहीं है कि वीजा के बिना ट्रांजिट हो जाएगा और कुछ देशों में एयरपोर्ट के अंदर रहने के लिए भी पहले से अनुमति की जरूरत पड़ सकती है। अब आपको यह जानना बेहद जरुरी है कि ये नियम पहले से कैसे काम करते हैं, यात्रियों को सही रास्ते चुनने, समय पर वीजा के लिए अप्लाई करने और एयरपोर्ट पर आखिरी समय की परेशानियों से बचने में मदद करता है। 

दरअसल, ट्रांजिट वीजा एक शॉर्ट-टर्म वीजा होता है जो यात्री को किसी दूसरे डेस्टिनेशन पर जाते समय किसी देश से गुजरने की इजाजत देता है। इस बात का ध्यान रखें कि यह टूरिज़्म, बिजनेस एक्टिविटी या लंबे समय तक रुकने की इजाज़त नहीं देता है। इसका एकमात्र मकसद आपको अपनी यात्रा कानूनी तौर पर पूरी करने देना है।

भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए, कुछ देशों को ट्रांजिट वीजा की जरूरत होती है भले ही यात्री कभी एयरपोर्ट टर्मिनल से बाहर न निकले। दूसरे देश वीजा-फ्री ट्रांज़िट की इजाजत देते हैं, लेकिन सिर्फ तभी जब बहुत खास शर्तें पूरी होती हैं।

ट्रांजिट वीजा के दो मुख्य प्रकार

हवाई अड्डा ट्रांजिट वीजा (एयरसाइड ट्रांजिट)

एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा तब लागू होता है जब कोई यात्री पूरी तरह से इंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया में रहता है और इमिग्रेशन क्लियर नहीं करता है। इस यात्रा में प्लेन बदलना शामिल होता है, लेकिन आधिकारिक तौर पर देश में एंट्री नहीं होती है।

यूरोप में, ये नियम अक्सर शेंगेन एरिया के तहत बनाए जाते हैं, हालांकि जरूरतें अभी भी देश और राष्ट्रीयता के हिसाब से अलग-अलग होती हैं। भारतीय यात्रियों के लिए, इसका मतलब है कि ट्रांज़ट नियम पड़ोसी यूरोपीय एयरपोर्ट के बीच भी अलग-अलग हो सकते हैं।

इस तरह के ट्रांजिट वीजा का इस्तेमाल कब किया जाता है

  - लेओवर छोटा है और उसी दिन का है।

  

  - सामान की जांच हो चुकी है।

  - किसी इमिग्रेशन क्लीयरेंस की आवश्यकता नहीं है।

एंट्री के साथ ट्रांजिट वीजा (लैंडसाइड ट्रांजिट) 

यदि किसी यात्रों को ट्रांजिट के दौरान इमिग्रेशन से गुजरना होता है, तो एंट्री वाला ट्रांजिट वीजा जरूरी होता है। आमतौर पर यह तब होता है कि जब यात्रा में रात भर रुकना हो, एयरपोर्ट बदलना हो, या सामान लेना हो।

 नाम के बावजूद, यह वीजा घूमने-फिरने या टूरिज्म की इजाजत नहीं देता है। बता दें कि, यह सिर्फ यात्रा जारी रखने के मकसद से सीमित एंट्री की इजाजत देता है। 

इस तरह के ट्रांजिट वीजा का इस्तेमाल कब किया जाता है

 - रात भर का लेओवर

 - एक ही शहर में एयरपोर्ट बदलना

 - अलग-अलग टिकटों पर बैगेज को दोबारा चेक करना

भारतीय यात्रियों को ट्रांजिट वीजा की जरूरत कब पड़ती है?

वैसे तो कोई यूनिवर्सल नियम नहीं है। किसी भारतीय यात्री को ट्रांजिट वीजा चाहिए या नहीं, यह कई बातों पर निर्भर करता है, जिसमें ट्रांजिट देश की पॉलिसी, लेओवर का तरीका और यात्री के पास पहले से मौजूद वीजा शामिल हैं।

असल में सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि यात्री को ट्रांजिट के दौरान क्या करना है, न कि स्टॉप कितना लंबा है। भारतीय यात्रियों को इन स्थितियों में ट्रांजिट वीजा की ज्यादा जरूरत पड़ सकती है।

  - लेओवर रात भर का है और इसके लिए एयरपोर्ट से बाहर निकलना होगा।

  - एयरपोर्ट या टर्मिनल बदलने होंगे।

  - टिकट अलग से बुक किए गए हैं।

  - सामान लेना होगा और दोबारा चेक करवाना होगा।

  - ट्रांजिट देश में छोटे एयरसाइड कनेक्शन के लिए भी वीजा जरूरी है। 

भारतीय यात्रियों के लिए ट्रांजिट वीजा में छूट

भारतीय नागरिकों के लिए कुछ जरूरी छूटें भी हैं जिनका फायदा भारतीय यात्री उठा सकते हैं, बशर्ते सभी शर्तें पूरी हों। कुछ मामलों में बिना वीजा के एयरसाइड ट्रांजिट की अनुमति है। जिनके पास वैलिड US, UK, कैनेडियन या शेंगेन वीजा है, उन्हें कभी-कभी ट्रांजिट की जरूरतों से छूट मिल सकती है। इसके अलावा, कुछ देशों ने भारतीयों के लिए ट्रांजिट नियमों में ढील दी है। हालांकि, ये छूटें बहुत सटीक हैं। अगर एक भी शर्त पूरी नहीं होती है (जैसे गलत वीजा कैटेगरी या रात भर का लेओवर), तो छूट लागू नहीं होगी। 

ट्रांजिट वीजा के लिए कब और कैसे अप्लाई करें

कब अप्लाई करना है

इसके लिए आपको यात्रा से चार से आठ हफ्ते पहले सबमिट कर देनी चाहिए। हालांकि प्रोसेसिंग टाइम आमतौर पर टूरिस्ट वीजा से कम होता है, लेकिन पीक ट्रैवल सीजन में देरी आम बात है। देर से अप्लाई करने से यात्रा की तारीखें छूटने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

कहां अप्लाई करना है

ट्रांजिट वीजा हमेशा उस देश द्वारा जारी किया जाता है जहां ट्रांजिट होता है, न कि फाइनल डेस्टिनेशन द्वारा। देश के आधार पर आवेदन दूतावास या वाणिज्य दूतावास, एक अधिकृत वीजा आवेदन केंद्र या एक आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।

जरुरी दस्तावेज

  - वैध पासपोर्ट

  - कन्फर्म आगे की फ्लाइट टिकट

  - आखिरी डेस्टिनेशन के लिए एंट्री परमिशन का सबूत

  - भरे हुए एप्लीकेशन फॉर्म और तस्वीरें

ट्रांजिट वीजा से बचने वाली आम गलतियां

 - मान लें कि छोटे लेओवर के लिए कभी वीजा की जरूरत नहीं होती।

 - बैगेज रीचेक और टर्मिनल बदलने के नियमों को नजरअंदाज करें।

 -ट्रांजिट के असर की जांच किए बिना अलग-अलग टिकट बुक करें।

  - ट्रांजिट छूट को किसी देश में प्रवेश करने की अनुमति समझने की गलती करें। 

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