By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 23, 2022
पणजी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने रविवार को कहा कि गोवा में अगले महीने होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन करने के तृणमूल कांग्रेस के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया क्योंकि ममता बनर्जी की अध्यक्षता वाली पार्टीराज्य में कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में करने की कवायद में जुट गयी। चिदंबरम का यह बयान तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी की टिप्पणी के तीन दिन बाद आया।अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि अगर गोवा में कांग्रेस, भाजपा को सत्ता से बेदखल करने में असफल होती है तो पार्टी के राज्य में चुनाव प्रभारी चिदंबरम को जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने एलिक्सो रेजिनाल्डो लॉरेंको को अपने दल में शामिल कर लिया जिनका नाम पार्टी द्वारा जारी प्रत्याशियों की सूची में शामिल था। उन्होंने अन्य निर्वाचन क्षेत्रों जैसे मर्मुगाव और वास्को में भी घुसपैठ की।’’ हालांकि, चिदंबरम ने इन दो निर्वाचन क्षेत्रों के किसी नेता का नाम नहीं लिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन घटनाओं के बाद पार्टी नेतृत्व से गठबंधन के प्रस्ताव पर कोई निर्देश नहीं मिला। जब अभिषेक बनर्जी द्वारा उनके खिलाफ दिए गए बयान के बारे में पूछा गया तो चिदंबरम ने कहा, ‘‘ मैं तृणमूल कांग्रेस के महासचिव के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहता। मैं कांग्रेस में विनम्र पद पर हूं और मैं उसपर टिप्पणी नहीं करना चाहता।’’ . उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव पूर्व गठबंधन के लिए शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेताओं से संपर्क किया था लेकिन ‘‘सहमति का कोई बिंदु नहीं था जिसकी वजह से बात आगे नहीं बढ़ी।’’
गौरतलब है कि शिवसेना और राकांपा गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं जबकि कांग्रेस ने राज्य में गोवा फॉरवर्ड पार्टी से गठबंधन किया है। तृणमूल कांग्रेस राज्य में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि गोवा के प्रत्याशी सुझाव देंगे कि क्या मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाए अथवा नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘एक बार नामांकन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम प्रत्याशियों की राय लेंगे और उससे आखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को अवगत कराएंगे।