By अनन्या मिश्रा | Mar 31, 2026
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर के मंदिर और वहां रखी वस्तुओं का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि पूजा स्थान संतुलित और ऊर्जावान होने पर घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। लेकिन कई बार लोग मेहनत तो बहुत करते हैं, लेकिन फिर भी पैसों की तंगी बनी रहती है। वहीं आपके द्वारा किया गया हर प्रयास असफल होता है और वजह जान पाना मुश्किल होता है। इसके पीछे घर का वास्तु दोष भी हो सकता है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक शीशा ऊर्जा को परावर्तित और कई गुना बढ़ाने का भी प्रतीक माना जाता है। जब आप इसको घर में सही स्थान पर रखती हैं तो यह पॉजिटिव एनर्जी और धन को आकर्षित करता है। घर के मंदिर में हथेली के आकार का छोटा शीशा रखना शुभ माना जाता है। यह मां लक्ष्मी के प्रकाश और कृपा को बढ़ाने का प्रतीक माना जाता है। कभी भी धुंधला शीशा, टूटा शीशा या खरोंच वाला शीशा नहीं रखना चाहिए। घर के मंदिर में हमेशा साफ और स्पष्ट शीशा रखना चाहिए।
मंदिर में शीशा इस तरह से रखना चाहिए कि इसमें मां लक्ष्मी या फिर दीपक का प्रतिबिंब दिखे। इसको सीधे जमीन पर न रखें। शीशे को हमेशा किसी साफ आसन या फिर कपड़े पर रखें। रोजाना पूजा से पहले मंदिर की नियमित रूप से सफाई करें। इससे वास्तु दोष दूर होता है। शीशे के सामने रोजाना एक दीपक जलाएं। ऐसा करने से पूजा स्थल की सकारात्मक ऊर्जा कई गुना तक बढ़ जाती है। वहीं धन संबंधी रुकावटें भी धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। इसलिए किए गए उपाय जल्दी फल देने वाले होते हैं। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए शुक्रवार की सुबह स्नान आदि करके साफ कपड़े पहनें। फिर घर के मंदिर में दीपक जलाएं और शीशे के सामने एक छोटी थाली रखें। इस थाली में 2 सुपारी, थोड़ा सा सिंदूर और कुछ कमलगट्टे रखें। मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए धन वृद्धि की प्रार्थना करें। साथ ही 108 बार 'ऊँ श्रीं महालक्ष्मयै नम:' मंत्र का जाप करें। लगातार 2 सप्ताह शुक्रवार को इस उपाय को करने से आप सकारात्मक आर्थिक बदलाव महसूस करेंगे।