200% टैरिफ लगा दूंगा...मैक्रों की 'ना' सुनकर बुरी तरह बौखलाए ट्रंप, फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति का निजी चैट किया पोस्ट

By अभिनय आकाश | Jan 20, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी कि अगर इमैनुएल मैक्रों ने गाजा के लिए प्रस्तावित शांति बोर्ड में शामिल होने का उनका निमंत्रण ठुकरा दिया, तो वे फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे। रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख ने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। यह दावा करते हुए कि कोई भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति को नहीं चाहता क्योंकि वह बहुत जल्द पद छोड़ देंगे, ट्रंप ने कहा कि वह फ्रांस की वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। ब्लूमबर्ग ने ट्रंप के हवाले से बताया मैं उनकी वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगाऊंगा और वह भी इसमें शामिल होंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन का दूसरा कार्यकाल 2027 में समाप्त होने वाला है और उन्होंने बार-बार यह शपथ ली है कि वे उससे पहले पद नहीं छोड़ेंगे।

इसे भी पढ़ें: Gaza Peace Board पर Trump का बड़ा दांव, Morocco की 'हां' के बाद अब PM Modi के जवाब का इंतजार

ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति का निजी जो मैसेज शेयर किया उसमें राष्ट्रपति मैक्रों ने लिखा है कि "मेरे दोस्त, हमलोग सीरिया को लेकर एक ही लाइन पर हैं। हम ईरान को लेकर अच्छी चीजें कर सकते हैं। लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आप ग्रीनलैंड को लेकर क्या करने जा रहे हैं? लेकिन हम मिलकर कुछ अच्छे काम कर सकते हैं। 1- मैं दावोस के बाद गुरुवार को G7 की एक बैठक आयोजित कर सकता हूं। मैं उसमें यूक्रेनियन को आमंत्रित कर सकता हूं, डेनमार्क, सीरिया और रूसियों को भी आमंत्रित कर सकता हूं। आइये हम साथ मिलकर गुरुवार को पेरिस में डिनर करते हैं।

इसे भी पढ़ें: Trump के Board Of Peace के न्योते को PM Modi ने ठुकराया? नेतन्याहू क्यों रह गए सन्न

हाल ही में इमैनुएल मैक्रों ने गाजा के लिए शांति बोर्ड में शामिल होने के डोनाल्ड ट्रम्प के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, उनके एक करीबी व्यक्ति ने ब्लूमबर्ग को बताया कि राष्ट्रपति का मानना ​​है कि यह चार्टर गाजा से परे तक फैला हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, मैक्रों का मानना ​​है कि यह बोर्ड कई गंभीर चिंताएं पैदा करता है, खासकर संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और संस्थागत ढांचे के सम्मान को लेकर, जिसे फ्रांस अप्रतिबंधित मानता है। शांति बोर्ड संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के विकल्प या प्रतिद्वंद्वी के रूप में भी उभरता दिखाई दिया, जिसके चलते इसके स्थायी सदस्य फ्रांस ने निमंत्रण ठुकरा दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, मैक्रों के बोर्ड में शामिल होने से इनकार करने का एक और कारण बोर्ड की भारी-भरकम 1 अरब डॉलर की स्थायी सदस्यता फीस थी। मामले से परिचित लोगों ने ब्लूमबर्ग को बताया है कि यह सदस्यता फीस विश्व नेताओं को बोर्ड में शामिल होने से हिचकिचाने का कारण हो सकती है। मैक्रों द्वारा निमंत्रण ठुकराने से संभवतः शेष यूरोप के अगले कदमों पर भी असर पड़ेगा, जिन्हें बोर्ड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

इसे भी पढ़ें: अब यूरोप ने शुरू किया पलटवार, ठोकेगा ऐसा टैरिफ, अमेरिका को लगेगा 93 बिलियन डॉलर का झटका

ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकियों के बाद यूरोपीय देश एकजुट हुए। कई नेटो सदस्यों ने ऑपरेशन आर्कटिक इंडोरेंस नाम से एक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया। यूरोपीय देशों ने अपने सैनिक ग्रीनलैंड भेजे। फ्रांस ने 15 सैनिक भेजे जो 27वीं माउंटेन इनफेंट्री ब्रिगेड से थे। जर्मनी ने 13, नॉर्वे, नीदरलैंड्स और फिनलैंड ने दो-दो सैनिक तैनात किए। ब्रिटेन ने भी एक सैन्य अधिकारी वहां भेजा। वहीं खुद डेनमार्क ने भी ग्रीनलैंड में अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए।  यूरोपीय देश उनके सामने एकजुट होते हुए नजर आए। फिर आई धमकी, टेरिफ की धमकी। ट्रंप ने ग्रीनलैंड में सैनिक भेजने वाली आठ यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से 10% टेरिफ लगाने का आदेश दे दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा कि हमें कोई धमकी या दबाव नहीं डरा सकता। ना यूक्रेन में, ना ग्रीनलैंड में और ना ही कहीं और। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन हो या यूरोपियन यूनियन की प्रमुख अर्सुला फोन लगभग सभी यूरोपियन नेताओं ने अमेरिका की इस हरकत की खुल के आलोचना की। 

प्रमुख खबरें

Lok Sabha में MPs की गैरहाजिरी पर लगेगी लगाम, Speaker Om Birla ने Budget Session से बदला नियम

Blocked Sink का जादुई Kitchen Hack, खतरनाक Acid के बिना मिनटों में मिलेगी राहत

रिश्तों से भागना नहीं, खुद को बचाने का तरीका! जानें क्यों Love से डर रही है आज की Generation

Davos के मंच से CM हिमंता का ऐलान, Global Investors के लिए Assam बना नया ग्रोथ इंजन