By अभिनय आकाश | May 26, 2026
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को खत्म करने की संभावित डील के बीच एक ऐसा दांव चल दिया है जिसने पूरी दुनिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ हुई बातचीत में ट्रंप ने अचानक इजराइल को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव रख दिया है। दरअसल ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान के साथ चल रहा तनाव खत्म हो जाता है और युद्ध विराम की स्थिति बनती है तो इसके बाद अगला कदम होना चाहिए कि वे सभी देश जो अब तक इजराइल को लेकर अलग रुख अपनाते आए हैं वे अब्राहम समझौते का हिस्सा बने और इजराइल के साथ संबंध सम्मान करें। इस बयान के बाद बातचीत के दौरान कुछ देर के लिए माहौल पूरी तरह बदल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉल में अचानक सन्नाटा छा गया। खासकर सऊदी अरब, क़तर और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए यह सुझाव काफी चौंकाने वाला था। क्योंकि इन देशों की विदेशी नीति में इजराइल का मुद्दा बेहद संवेदनशील माना जाता है। वहीं यह बातचीत शनिवार को ही बताई जा रही है जिसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब, अमीरात, क़तर, पाकिस्तान, तुर्की, जॉर्डन और बहरीन जैसे कई प्रमुख मुस्लिम देशों के नेता शामिल थे।
ईरान युद्ध खत्म होने के बाद मुस्लिम-बहुसंख्यक देशों से 'अब्राहम समझौते' में शामिल होने का आग्रह करते हुए, ट्रंप ने उन नेताओं की एक सूची साझा की जिनसे उन्होंने बात की थी। इस लिस्ट में उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर का नाम तो लिखा, लेकिन प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। ट्रंप के इस कदम ने इस्लामाबाद में इस पुरानी बहस को एक बार फिर हवा दे दी है कि पाकिस्तान में सत्ता की असली चाबी वास्तव में किसके हाथ में है।ट्रुथ सोशल पर अब्राहम समझौते के विस्तार के बारे में एक लंबी पोस्ट में, ट्रंप ने उन विश्व नेताओं की सूची दी जिनसे उन्होंने सप्ताहांत में बात की थी। लेकिन जब पाकिस्तान की बात आई, तो उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का नाम नहीं लिया। इसके बजाय, अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख सैयद आसिम मुनीर अहमद शाह का नाम लिया।