By अभिनय आकाश | Jan 16, 2026
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के आने वाले एक बड़े फैसले की जिसका असर ना केवल डोनाल्ड ट्रंप सरकार पर पड़ेगा बल्कि भारत सहित विश्व के कई देश इससे प्रभावित होंगे। बात टेरिफ पर आने वाले फैसले की। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट आज डोनाल्ड ट्रंप के टेरिफ पर ऐतिहासिक फैसला सुना सकता है। यह तय होगा कि क्या राष्ट्रपति ने नेशनल इमरजेंसी कानून का इस्तेमाल कर टेरिफ लगाकर अपनी संवैधानिक सीमा पार की थी। अगर कोर्ट ने टेरिफ अवैध घोषित कर दिए तो अमेरिका को 130 बिलियन डॉलर से ज्यादा रकम लौटाने का जोखिम है। नौ जस्टिस में से केवल तीन जस्टिस ट्रंप के खुले समर्थक माने जाते हैं। बाकी बेंच टेरिफ को कानूनी रूप से कमजोर मानने के संकेत दे चुकी है।
ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट का सहारा लेकर नेशनल इमरजेंसी घोषित की और यूनिवर्सल टेरिफ के साथ चीन पर भारी ड्यूटी लगा दी। कुल वसूली 130 बिलियन डॉलर से ज्यादा मानी जाती है। निचली अदालतों ने पहले ही कहा कि यह कानून इतने व्यापक टेरिफ लगाने की अनुमति नहीं देता। अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगी कि ट्रंप ने ताकत का सही इस्तेमाल किया या सीमा लांघ दी। ट्रंप का कहना है कि अगर टेरिफ अवैध घोषित हुए तो सरकार को सैकड़ों बिलियन डॉलर लौटाने पड़ सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि इतनी बड़ी रकम लौटाना अमेरिका की फाइनेंशियल स्थिति को हिला सकता है। इसी डर की वजह से उन्होंने इसे नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा मामला बताया और कोर्ट पर दबाव भी बनाया।