By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 05, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पाकिस्तान, भूटान, चीन, बांग्लादेश और नेपाल सहित कई देशों की सूची जारी की, जिसमें इन देशों से आने वाले प्रवासियों को मिलने वाली कल्याण और सहायता की दरों को उजागर किया गया है। हालांकि, इस सूची में भारत का नाम नहीं है। द ‘इमिग्रेंटस वेल्फेयर रिसिपियंट रेट्स बाय कंट्री ऑफ ऑरिजन’ नामक सूची में विश्व के लगभग 120 देशों और क्षेत्रों को शामिल किया गया है जिनके प्रवासियों को अमेरिका में सहायता प्राप्त होती है। भारत इस सूची में शामिल नहीं है।
ट्रंप द्वारा ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किए गए चार्ट में प्रवासियों के जन्म वाले देश और सहायता प्राप्त करने वाले प्रवासी परिवारों के प्रतिशत को दर्शाया गया है। इस सूची में बांग्लादेश भी शामिल है, जहां से आने वाले प्रवासी परिवारों में से 54.8 प्रतिशत को सहायता प्राप्त होती है। इसके अलावा पाकिस्तान (40.2 प्रतिशत), नेपाल (34.8 प्रतिशत), चीन (32.9 प्रतिशत) और इज़राइल/फलस्तीन (25.9 प्रतिशत), यूक्रेन (42.7 प्रतिशत) और एशिया (अन्यत्र वर्गीकृत नहीं/निर्दिष्ट नहीं) के नाम भी शामिल हैं।
आंकड़ों से पता चला है कि अमेरिका में प्रमुख जातीय समूहों में भारतीय-अमेरिकियों की औसत घरेलू आय सबसे अधिक है। प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, भारतीय अमेरिकी लोग अमेरिका में रहने वाली एशियाई मूल की दूसरी सबसे बड़ी आबादी हैं, जो देश की एशियाई आबादी का लगभग 21 प्रतिशत हैं। वर्ष 2023 में भारतीय प्रवासी मुखिया वाले परिवारों की औसत वार्षिक आय 1,51,200 अमेरिकी डॉलर थी।
एशियाई मूल के परिवारों में यह कुल मिलाकर 1,05,600 अमेरिकी डॉलर थी। भारतीय प्रवासी मुखिया वाले परिवारों की औसत वार्षिक आय अमेरिकी मूल के भारतीय मुखिया वाले परिवारों की तुलना में अधिक थी (1,56,000 अमेरिकी डॉलर बनाम 1,20,200 अमेरिकी डॉलर)। प्यू के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 16 वर्ष और इससे अधिक आयु के भारतीय अमेरिकियों की औसत वार्षिक व्यक्तिगत आय 85,300 अमेरिकी डॉलर थी, जो कि समग्र रूप से एशियाई लोगों की (52,400 अमेरिकी डॉलर) तुलना में अधिक थी।