ग्रीनलैंड पर फिर बोले ट्रंप, कहा - इससे कम कुछ भी मंज़ूर नहीं

By अभिनय आकाश | Jan 14, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के लिए अपने दबाव को और भी तीखे अंदाज में दोहराया और आर्कटिक द्वीप को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए प्रस्तावित गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली का एक अहम हिस्सा बताया। उनके इन बयानों से वाशिंगटन में होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता से पहले डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ तनाव बढ़ गया है। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिका की मिसाइलें तैयार! ईरान में कभी हो सकता है अटैक!

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक

बुधवार तड़के सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को गोल्डन डोम हवाई और मिसाइल रक्षा नेटवर्क के निर्माण और संचालन के लिए ग्रीनलैंड की आवश्यकता है, जिसे उन्होंने अमेरिकी धरती की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आगे कहा कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिकी नियंत्रण में होता तो नाटो कहीं अधिक शक्तिशाली और प्रभावी होता और इस बात पर जोर दिया कि “इससे कम कुछ भी अस्वीकार्य है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि नाटो को बहुस्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणालियों के विकास में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए और चेतावनी दी कि यदि अमेरिका नेतृत्व नहीं करता है, तो रूस या चीन जैसी प्रतिद्वंद्वी शक्तियां ऐसा कर सकती हैं।

इसे भी पढ़ें: Iran पर कभी भी हो सकता है अमेरिकी हमला, Qatar Military Base से कर्मियों को निकाल रहा US, भारतीयों को भी ईरान छोड़ने की दी गई सलाह

ट्रम्प के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री व्हाइट हाउस में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की तैयारी कर रहे थे। इन वार्ताओं का उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र पर नियंत्रण की ट्रम्प की मांग को लेकर बढ़ते विवाद का समाधान करना है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने संप्रभुता सौंपने के विचार को दृढ़ता से खारिज कर दिया है और इस बात पर जोर दिया है कि ग्रीनलैंड का भविष्य वहां की जनता द्वारा और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में तय किया जाना चाहिए। अमेरिकी नियंत्रण की मांग की आलोचना न केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने की है, बल्कि यूरोपीय सहयोगियों ने भी की है।

प्रमुख खबरें

Karur Stampede केस में बढ़ा CBI का एक्शन, सुपरस्टार विजय को दोबारा पूछताछ के लिए भेजा समन

I-PAC Raid Case: ED ने मांगा स्थगन, कल्याण बनर्जी बोले- हम High Court में बहस को तैयार

पैक्स सिलिका क्या है? इसमें भारत को शामिल करने से अमेरिका को क्या लाभ मिलेगा?

Shaurya Path: China और Pakistan के पास जो अस्त्र था, अब वो भारत के पास भी होगा, Indian Army बनाएगी Rocket Cum Missile Force