By अभिनय आकाश | Jan 27, 2026
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दो सबसे ताकतवर और करीबी और भरोसेमंद आर्मी जनरल्स अमेरिका के लिए जासूसी कर रहे थे और इन दोनों जनरल्स का नाम जांग यूशिया और ल्यू झेनली है। यह दोनों ही शी जिनपिंग के बहुत करीबी माने जाते हैं। 75 वर्ष के जनरल यूशिया चीन की सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के उपाध्यक्ष हैं। यानी दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं। पहले नंबर पर सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं खुद शी जिनपिंग जो कि इस संस्था के चेयरमैन हैं और जो वाइस चेयरमैन हैं वो जांग योशिया ये जनरल युसिया जो हैं ये चीन के साथ गद्दारी कर रहे थे। चीन की हर एक सेना का कमांड और कंट्रोल इसी सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पास होता है। जनरल ल्यू जेनली भी सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में चीफ ऑफ स्टाफ यानी एक बहुत बड़े अधिकारी थे। जनरल यूशिया और शी जिनपिंग जो चीन के राष्ट्रपति हैं। यह दोनों बहुत करीबी दोस्त थे। यानी एक दोस्त ने ही दूसरे दोस्त के साथ गद्दारी की और एक दोस्त ने शी जिनपिंग का तख्ता पलट करने की कोशिश की।
पहला चीन की सेना के लिए हथियारों की खरीद से जुड़ी गोपनीय जानकारी अमेरिका को दे दी गई। दूसरा चीन की सेना में बड़े पदों के बदले रिश्वत ली गई। बड़े पदों पर जो अपॉइंटमेंट होती है उसके बदले रिश्वत खाई गई और सेना के अंदर गुटबाजी पैदा की गई और तीसरा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में फूट डालने की कोशिश का भी आरोप इन पर लगा है। द वॉल स्ट्रीट जनरल ने यह दावा किया है कि इस जनरल ने चीन की सेना के एक अधिकारी को रक्षा मंत्री बनाने के बदले पैसा लिया। यह भी दावा है कि जनरल यूशिया राष्ट्रपति शी जिनपिंग का तख्ता पलट करना चाहते थे और शी जिनपिंग को हटाने की तैयारी कर रहे थे और 22 दिसंबर को यह दोनों आखिरी बार एक साथ दिखाई दिए थे। हैरान करने वाली बात यह है कि शी जिनपिंग ने ही वर्ष 2017 में इसी जनरल को अपने बाद चीन के सबसे ताकतवर पद पर बैठाया था। यानी यह ताकत के मामले में चीन का नंबर दो व्यक्ति था। पहले नंबर पर खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं और दूसरे नंबर पर यह थे। वर्ष 2023 में इसी जनरल ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तीसरी बार राष्ट्रपति बनने में मदद की थी। लेकिन बाद में इन दोनों पुराने दोस्तों के बीच किसी वजह से मतभेद शुरू हो गए और शी जिनपिंग और जनरल यूशिया चीन में एक ही प्रांत से आते हैं और ये दोनों बचपन के दोस्त हैं। यहां तक कि इन दोनों के पिता भी वर्ष 1949 में चीन की क्रांति के दौरान एक साथ काम करते थे।
चीन में ऐसा तब होता है जब किसी बड़े अधिकारी को हटा दिया जाता है या फिर उनकी वफादारी पर कम्युनिस्ट पार्टी को शक होता है। चीन की सेना का आधिकारिक अखबार पीएलए डेली इसे सेना में एक सफाई अभियान बता रहा है और वर्ष 2023 से अब तक चीन में 50 से ज्यादा इसी प्रकार के बड़े-बड़े सैनिक अधिकारी हटाए जा चुके हैं या फिर उनके खिलाफ जांच चल रही है। जिनमें वहां के रक्षा मंत्री और वहां की आर्मी, एयरफोर्स और नेवी और मिसाइल फोर्स के टॉप जनरल्स भी शामिल हैं। अगर इन दोनों जनरल्स पर आरोप सही साबित हो गए तो यह चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा झटका होगा और वहां के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए तो निजी रूप से भी यह एक बहुत बड़ा झटका है।