By अभिनय आकाश | Jul 06, 2026
दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका और रूस के राष्ट्रपतियों के बीच करीब 90 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई है। क्या यह एक इशारा है कि रूस और यूक्रेन का युद्ध अब कभी भी रुक सकता है? आखिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन के साथ इस फोन कॉल पर क्या बातचीत की जिसको लेकर पूरी दुनिया की कूटनीति में हलचल मची हुई है। अगले हफ्ते तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले खबर आई कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन को फोन घुमाया है और करीब डेढ़ घंटे यानी कि 90 मिनट तक उनसे बातचीत की है और अब इस बातचीत के कई सारे अहम पहलू सामने आ रहे हैं। दरअसल क्रेमलिन के वरिष्ठ सहयोगी यूरी उषाकोब के मुताबिक ट्रंप ने एक बार फिर से यूक्रेन युद्ध को खत्म करवाने में मदद की पेशकश की है।
वहीं रूस ने यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों पर तनाव बढ़ाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि रूसी तेल प्रतिष्ठानों पर हमले कर इस संघर्ष को भड़काया जा रहा है। इस बातचीत का एक दिलचस्प पहलू यह भी निकल कर आ रहा है कि ट्रंप ने अपने दो विशेष दूत यानी कि सीविटक और जेरेट कुशनर का भी जिक्र किया है। उन्होंने पुतिन से कहा कि यह दोनों प्रतिनिधि लगातार समाधान तलाशने में लगे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर फिर से मॉस्को का दौरा भी कर सकते हैं। इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादमीर जेलस्की का रुख भी पहले के मुकाबले कुछ बदला हुआ दिखाई दिया है। उन्होंने ट्रंप के साथ अपनी बातचीत को बेहद सकारात्मक बताया है और कहा है कि अब युद्ध समाप्त होने की वास्तविक संभावनाएं दिखने लगी हैं। जेलस्की का मानना है कि अमेरिका अगर ढरता से आगे बढ़े तो इस युद्ध को रोका जा सकता है। यानी करीब 90 मिनट तक चले इस बातचीत में सिर्फ यूक्रेन ही नहीं बल्कि ईरान का मुद्दा भी शामिल रहा। पुतिन ने उम्मीद जताई है कि ट्रंप मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे। बातचीत के आखिर में पुतिन ने एक बार फिर ट्रंप को मॉस्को आने का न्योता दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या नाटो शिखर सम्मेलन से पहले ट्रंप और पुतिन की यह बातचीत किसी बड़े बदलाव का संकेत है? क्या रूस और यूक्रेन का युद्ध जो जारी है अभी वो वास्तव में खत्म होने की ओर आगे बढ़ रहा है या फिर सिर्फ यह बातचीत का एक दौर था।