कश्मीर पर मध्यस्थता करना चाहते हैं ट्रम्प, भारत-पाक के सामने रखा मदद का प्रस्ताव

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 26, 2019

न्यूयॉर्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ बैठकों में कश्मीर मामले पर चर्चा की और ‘‘मध्यस्थता’’ के जरिए दोनों परमाणु सशस्त्र देशों की मदद करने का प्रस्ताव रखा। ट्रम्प ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि उनकी संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ ‘‘फलदायी बातचीत’’ हुई। उन्होंने कहा, कि पाकिस्तान और भारत की बात की जाए, तो हमने कश्मीर पर चर्चा की। मैंने प्रस्ताव रखा कि मैं मध्यस्थता समेत हर वह मदद करने के लिए तैयार हूं, जो मैं कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि वह ‘‘हर संभव कोशिश करेंगे क्योंकि उनके बीच गंभीर तनाव है और उम्मीद है कि स्थिति बेहतर होगी।’’

ट्रम्प ने कहा कि दो भद्र पुरुष जो इन दो देशों का नेतृत्व कर रहे हैं, वे मेरे मित्र हैं। मैंने कहा कि वे इसका समाधान निकालें। वे परमाणु सशस्त्र देश हैं, उन्हें समाधान निकालना ही होगा। ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंगलवार को 40 मिनट तक द्विपक्षीय बातचीत की थी। इससे एक दिन पहले उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात की। भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मामला है और किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं है।

इसे भी पढ़ें: मोदी को देश का पिता कहने पर ट्रंप पर भड़के ओवैसी, बोले- अमेरिकी राष्ट्रपति जाहिल हैं

ट्रम्प की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री पहले ही यह बता चुके हैं। विदेश सचिव ने भी कल यही बात की। कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि आप देखें कि उन्होंने (विदेश सचिव) कल क्या कहा, उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की मध्यस्थता के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों की सहमति की आवश्यकता है।

इसे भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, भारत के साथ व्यापार समझौता जल्द

विदेश सचिव विजय गोखले ने मोदी-ट्रम्प की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा था कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि हम पाकिस्तान के साथ वार्ता करने से संकोच नहीं कर रहे हैं पर ऐसा होने के लिए हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान कुछ ठोस कदम उठाए, लेकिन हमें पाकिस्तान की तरफ से ऐसी कोई कोशिश नहीं दिख रही। भारत ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया था। तभी से पाकिस्तान इस मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश कर रहा है लेकिन भारत का स्पष्ट कहना है कि जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाना भारत का ‘‘आंतरिक मामला’’ है।

प्रमुख खबरें

Russia के सबसे अजीब इलाके को बचाएगा भारत, पुतिन-जयशंकर की मुलाकात पर बड़ा खुलासा!

Milad un Nabi 2026: मस्जिदों से जुलूस तक, जानें 26 अगस्त को क्या-क्या होगा?

Team India के Prasidh Krishna ने बताया सफलता का मंत्र, पिच के हिसाब से की बॉलिंग

Abhishek Banerjee की याचिका पर Supreme Court का बड़ा एक्शन, सायोनी घोष-काकोली घोष समेत TMC के बागी सांसदों को नोटिस जारी