By अभिनय आकाश | Jun 25, 2022
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने भारतीय सेना के सामने 1971 के आत्मसमर्पण के लिए पाकिस्तानी सेना का मजाक उड़ाया है। पाकिस्तानी सेना पर टीटीपी का हमला पाकिस्तान के कानून मंत्री के उस बयान के जवाब में आया है जिसमें कहा गया था कि अगर शांति वार्ता सफल होती है तो वे तालिबान आतंकवादियों को फिर से हथियार उठाने की अनुमति नहीं देंगे। पलटवार करते हुए पाकिस्तान तालिबान ने पाक सेना और राजनेताओं को 'गुलाम' कहा और स्पष्ट किया कि वे पाकिस्तान के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने कहा है कि वह टीटीपी के किसी भी असंवैधानिक मांगों को स्वीकार नहीं करेगी। इतना ही नहीं, इस खूंखार आतंकवादी संगठन के साथ शांति समझौता पाकिस्तानी संविधान के अनुसार सख्ती से होगा। इसको संसद से आम मंजूरी मिलने के बाद भी लागू किया जाएगा। पिछले कई हफ्तों में अफगानिस्तान में पाकिस्तान के प्रतिनिधियों और प्रतिबंधित टीटीपी के बीच कई बैठकें हुई हैं।