By अभिनय आकाश | Oct 29, 2026
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य और यमन के हालात पर चर्चा की, साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध सहित क्षेत्रीय संघर्षों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों के प्रति तुर्की के समर्थन को दोहराया। तुर्की के संचार निदेशालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने अंकारा और वाशिंगटन के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर बातचीत की। 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में संचार कार्यालय ने बताया कि एर्दोआन ने अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के प्रति तुर्की की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। गौरतलब है कि दोनों देश अगले साल अपने संबंधों की शताब्दी मनाने की तैयारी कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति एर्दोगन ने बताया कि 'मक्का संयुक्त रक्षा गठबंधन' (Makkah Joint Defense Alliance) के तौर पर हम होर्मुज जलडमरूमध्य और यमन के हालात पर करीबी नजर रख रहे हैं, और कूटनीति के जरिए इन समस्याओं को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
इससे पहले, 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने खबर दी थी कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के पूर्व कमांडर मोहसेन रेज़ाई को एक पत्र भेजा था। इसका मकसद वाशिंगटन और तेहरान के बीच फिर से बातचीत शुरू करने की संभावना तलाशना था। रिपोर्ट के अनुसार, यह संदेश ट्रम्प के निर्देश पर भेजा गया था। हालांकि, बाद में ट्रम्प ने इन दावों को खारिज कर दिया कि उन्होंने वेंस को शांति वार्ता शुरू करने का निर्देश दिया था। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह संदेश ईरान के लिए चिकित्सा आपूर्ति से जुड़ा था। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक राहत को लेकर असहमति के कारण वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक प्रयासों में मुश्किलें आई हैं, जबकि ट्रम्प ने फिर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देना जारी रखा है।