By अंकित सिंह | Dec 03, 2023
तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा का शानदार प्रदर्शन भगवा पार्टी की सफलता की कहानी से ज्यादा कांग्रेस की "विफलता" है। भाजपा हिंदी भाषी राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सत्ता हासिल करती हुई दिखाई दे रही है। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने एक सोशल मीडिया संदेश में कहा कि तीन राज्यों में, यह भाजपा की सफलता की कहानी से ज्यादा कांग्रेस की विफलता है। टीएमसी का यह बयान इंडिया गठबंधन के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं।
अब्दुल्ला ने कहा कि मैं कुछ नहीं कह सकता। विधानसभा चुनाव में जो स्थिति इंडिया गठबंधन की है, अगर आगे भी यही स्थिति रही तो हम खुद को नहीं बचा पाएंगे। कांग्रेस मध्य प्रदेश में जमीनी हालात को समझ नहीं पाई। CPI (M) महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, "INDIA गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए हुआ है... हर राज्य के अंदर अलग-अलग परिस्थितियां होती हैं लेकिन अगर यही धर्मनिरपेक्ष ताकतों के बीच बेहतर सलाह-मश्वरा और समन्वय होता तो प्रचार अधिक सक्रिय होता।"
लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हिंदी पट्टी के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त न सिर्फ उसके लिए बड़ा झटका है, बल्कि यह हार विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) में नेतृत्व एवं सीट बंटवारे पर मोलभाव करने की उसकी स्थिति को संभवत: कमजोर कर सकती है। इसकी बानगी भी चुनावी रुझानों में तीन राज्यों में कांग्रेस की हार नजर आने के साथ मिल गई जब गठबंधन के एक प्रमुख घटक जनता दल (यूनाइटेड) ने कहा कि देश का मुख्य विपक्षी दल अपने दम पर जीतने में सक्षम नहीं है। जद (यू) के मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव के परिणाम कांग्रेस की पराजय और भाजपा की विजय का संकेत देते हैं।