Twisha Sharma Death Case | मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत की रद्द, CBI कभी भी कर सकती है गिरफ्तार

By रेनू तिवारी | May 28, 2026

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने इस मामले की मुख्य आरोपियों में से एक और मृतका की सास गिरिबाला सिंह को निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत को पूरी तरह रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने गत 15 मई को भोपाल सेशंस कोर्ट द्वारा पारित जमानत आदेश को भी खारिज कर दिया। गिरिबाला सिंह, जो भोपाल की रिटायर्ड जिला जज हैं, पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है, या फिर उनके पास कोर्ट के सामने सरेंडर करने का विकल्प बचा है। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता और चल रही जाँच से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखना ज़रूरी है। इसलिए, गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम ज़मानत रद्द की जाती है।

कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान, मृतक के परिवार की ओर से कोर्ट में WhatsApp चैट पेश की गईं। इन चैट में ट्विशा ने अपने परिवार को बताया था कि उसके पति और ससुराल वाले उस पर शक करते थे और उस पर अपनी प्रेग्नेंसी खत्म करने का दबाव डाल रहे थे। उसने यह भी कहा था कि उसे घर के अंदर भी शांति से रहने नहीं दिया जा रहा था।

CBI और राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। CBI ने आगे कहा कि आरोपी पक्ष जाँच में पूरी तरह सहयोग नहीं कर रहा था, और इस बात की आशंका थी कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है।

इसे भी पढ़ें: Indian Rupee को लगा बड़ा झटका! महंगे Crude Oil और मजबूत Dollar ने तोड़ी कमर, 44 पैसे गिरा

हाई कोर्ट ने पाया कि गवाहों के बयानों और रिकॉर्ड पर मौजूद WhatsApp चैट के आधार पर, यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आरोप केवल पति, समर्थ सिंह पर ही लगाए गए हैं। कोर्ट ने माना कि मृतक पर गर्भपात करवाने के लिए वास्तव में दबाव डाला गया था, और सास, गिरिबाला पर भी सीधे आरोप लगाए गए हैं। कोर्ट ने पाया कि कई बयानों में गिरिबाला और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

कोर्ट ने आगे पाया कि निचली अदालत मामले की गंभीरता और उपलब्ध सबूतों का ठीक से आकलन करने में नाकाम रही। नतीजतन, 15 मई, 2026 को दी गई अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी गई है। इस आदेश के साथ ही दोनों याचिकाएँ निपटा दी गईं।

अब CBI को गिरिबाला सिंह को गिरफ़्तार करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। CBI अब गिरिबाला सिंह को किसी भी समय गिरफ़्तार कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस मामले का स्वतः संज्ञान ले लिया है और CBI की जाँच पर अपना पूरा भरोसा जताया है।

CBI को ट्विशा शर्मा के पति की कस्टडी मिली

इससे पहले, बुधवार को भोपाल की एक अदालत ने ट्विशा शर्मा के पति, समर्थ सिंह को CBI की कस्टडी में भेज दिया। समर्थ को 10 दिनों तक फ़रार रहने के बाद 22 मई को जबलपुर में गिरफ़्तार किया गया था। बाद में, CBI की टीम, समर्थ के साथ, ट्विशा की मौत की आगे की जाँच के लिए कटारा हिल्स इलाके में उनकी माँ गिरिबाला सिंह के घर पहुँची। समर्थ, जो एक वकील हैं, को राज्य पुलिस की एक विशेष जाँच टीम (SIT) ने जबलपुर से गिरफ़्तार किया और भोपाल ले आई, जहाँ एक मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें सात दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

इसे भी पढ़ें: West Asia Crisis: Crude Oil की कीमतों में आग से रुपया बेहाल, Dollar के मुकाबले 44 पैसे टूटा

CBI ने सोमवार को ट्विशा शर्मा की मौत की जाँच अपने हाथ में ले ली; ट्विशा कथित तौर पर 12 मई को यहाँ अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। CBI ने मध्य प्रदेश पुलिस की FIR को फिर से दर्ज किया है, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।

प्रमुख खबरें

Siddaramaiah के कथित स्टिंग केस में दिल्ली से रितेश पांडे गिरफ्तार, Bengaluru कोर्ट से मिली जमानत

Noida Metro में बना नया कीर्तिमान, 23 अक्टूबर को 1.05 लाख यात्रियों ने किया सफर

MP CM Mohan Yadav ने Dhar में 2,388 करोड़ रुपये की Irrigation Project शुरू की

ED ने Mumbai Airport से वकील को पकड़ा, 28000 करोड़ के साइबर फ्रॉड में कार्रवाई