Indian Rupee को लगा बड़ा झटका! महंगे Crude Oil और मजबूत Dollar ने तोड़ी कमर, 44 पैसे गिरा

Rupee
प्रतिरूप फोटो
AI Generated
Ankit Jaiswal । May 27 2026 11:21PM

ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते रुपया डॉलर के मुकाबले 44 पैसे कमजोर होकर 95.70 के स्तर पर पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितताएं कम नहीं होतीं और तेल के दाम नरम नहीं पड़ते, भारतीय मुद्रा पर दबाव बना रह सकता है।

मंगलवार को भारतीय मुद्रा बाजार में दबाव देखने को मिला और रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 44 पैसे कमजोर होकर 95.70 के स्तर पर बंद हुआ हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर सीधे भारतीय मुद्रा पर दिखाई दिया।

मौजूद जानकारी के अनुसार अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.43 के स्तर पर खुला था। कारोबार के दौरान यह एक समय 95.33 तक मजबूत हुआ, लेकिन बाद में गिरावट बढ़ने से 95.76 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को रुपया 34 पैसे मजबूत होकर 95.26 पर बंद हुआ था। उस दौरान भारतीय रिजर्व बैंक की डॉलर बिक्री से रुपये को सहारा मिला था।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी हैं। बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रही अनिश्चितता की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर बनी हुई हैं। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों की मुद्रा पर पड़ता हैं।

मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से रुपया दबाव में रह सकता है। हालांकि अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है तो रुपये को निचले स्तर पर कुछ सहारा मिल सकता हैं। उन्होंने अनुमान जताया कि डॉलर-रुपया विनिमय दर 95.20 से 95.85 के दायरे में रह सकती हैं।

गौरतलब है कि डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 99.05 पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में करीब 3.43 प्रतिशत बढ़कर 99.94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर अमेरिकी हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती चिंता के कारण तेल बाजार में तेजी देखने को मिली।

इधर घरेलू शेयर बाजार में भी कमजोरी का माहौल बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 479.26 अंक गिरकर 76,009.70 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 118 अंक टूटकर 23,913.70 पर पहुंच गया हैं। कमजोर शेयर बाजार का असर भी रुपये की चाल पर देखने को मिला।

हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कुछ राहत दी। एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार सोमवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 821.75 करोड़ रुपये की खरीदारी की थीं। इसके बावजूद वैश्विक अनिश्चितताओं की वजह से निवेशकों का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी डॉलर की स्थिति और पश्चिम एशिया के हालात भारतीय रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़