Twisha Sharma Death Case | फरारी के दौरान किसने की आरोपी पति की मदद? CBI ने तेज की जांच, डॉक्टरों से भी होगी पूछताछ

By रेनू तिवारी | Jun 01, 2026

पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह से कड़ाई से की गई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अब जांच एजेंसी का पूरा ध्यान उन चेहरों को बेनकाब करने पर है, जिन्होंने वारदात के बाद आरोपी को कानून से भागने और छिपने में मदद की थी। सूत्रों के अनुसार, समर्थ ने CBI अधिकारियों को बताया कि ट्विशा की मौत के बाद वह दो दिनों तक भोपाल में रहा, जिसके बाद वह जबलपुर चला गया। वह 22 मई तक जबलपुर में ही रहा; इसी दिन उसने एक स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।

जाँच ​​एजेंसी इस मामले से जुड़े कुछ डॉक्टरों से भी पूछताछ कर सकती है। यह कदम ट्विशा की सास, गिरिबाला सिंह के दावों के बाद उठाया गया है। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया था कि ट्विशा को नशे की लत थी और उसने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों का सेवन किया था। गिरिबाला सिंह के अनुसार, यही एक कारण था जिसके चलते डॉक्टरों ने 'मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ़ प्रेग्नेंसी' (MTP) प्रक्रिया को मंज़ूरी दी थी।

अधिकारी ट्विशा द्वारा एक मनोचिकित्सक से ली गई सलाह की भी जाँच कर रहे हैं। CBI द्वारा ट्विशा का इलाज करने वाले डॉक्टरों और मनोचिकित्सक, दोनों से पूछताछ किए जाने की संभावना है। इसका उद्देश्य गिरिबाला सिंह के दावों की पुष्टि करना और यह पता लगाना है कि क्या ये दावे मेडिकल रिकॉर्ड और पेशेवर आकलन से मेल खाते हैं।

इसे भी पढ़ें: Political Upheaval in West Bengal! अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद TMC विधायकों की बैठक रद्द, 80 में से सिर्फ 20 पहुँचे, ममता बनर्जी बैठेंगी धरने पर

अधिकारियों से यह भी उम्मीद की जा रही है कि वे मेडिकल दस्तावेज़ों और गवाहों के बयानों की आपस में जाँच करेंगे। ऐसा करके वे उन परिस्थितियों को फिर से समझने की कोशिश करेंगे, जिनके कारण ट्विशा की मौत हुई थी।

CBI ने हाल ही में ट्विशा शर्मा की मौत की जाँच अपने हाथ में ले ली है। इसके लिए उसने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR को फिर से पंजीकृत किया है, जिसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। 33 साल की ट्विशा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में कथित तौर पर फंदे से लटकी मिली थीं।

इससे पहले कि यह मामला केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जाता, मध्य प्रदेश पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने पेशे से वकील समर्थ को जबलपुर से गिरफ्तार किया और उसे भोपाल ले आई। इसके बाद एक स्थानीय अदालत ने उसे सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।

ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि 9 दिसंबर, 2025 को शादी के बाद से ही उसके ससुराल वाले दहेज की मांगों को लेकर उसे परेशान कर रहे थे। उन्होंने ससुराल वालों पर मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है, और दावा किया है कि इसी बुरे बर्ताव के कारण ट्विशा ने इतना बड़ा कदम उठाया।

इन आरोपों का गिरिबाला सिंह ने ज़ोरदार खंडन किया है। उन्होंने कई मीडिया इंटरव्यू में ट्विशा के इलाज और उसकी मानसिक सेहत को लेकर सवाल उठाए हैं। समर्थ को 22 मई को गिरफ्तार किया गया था; वह पिछले 10 दिनों से फरार चल रहा था।

पिछले हफ़्ते, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा पूर्व ज़िला जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम ज़मानत रद्द किए जाने के ठीक एक दिन बाद CBI ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे माँ-बेटे दोनों के बयानों का आमना-सामना करवाएंगे, ताकि उन घटनाओं के क्रम को जोड़ा जा सके जिनके चलते ट्विशा की मौत हुई।

ट्विशा के परिवार ने गिरिबाला सिंह पर ज़मानत मिलने के बाद सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश का भी आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि 13 मई को पुलिस ने परिवार के घर से CCTV फुटेज ज़ब्त किया था, लेकिन बाद में कुछ चुनिंदा क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए गए। परिवार का आरोप है कि ऐसा करके जाँच की दिशा को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  

प्रमुख खबरें

Connaught Place और दिल्ली के बाजारों में बार-बार प्रदर्शन से कारोबार ठप, व्यापारियों ने PM से मांगी मदद

Poonam Raut ने अंतरराष्ट्रीय Cricket के सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया, 12 साल का सफर खत्म

Delhi में लहरा दो तिरंगा मार्च से पहले Abhijit Dipke और नेहा बोरा समेत 150 लोग हिरासत में

New Zealand दौरे के लिए Team India का ऐलान, Test और ODI में Shubman Gill संभालेंगे कप्तानी