By रेनू तिवारी | Apr 01, 2026
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक नए और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अब होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बलपूर्वक खुलवाने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस कदम से UAE पहला ऐसा खाड़ी देश बन जाएगा जो ईरानी हमलों का सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने के बाद भी इस युद्ध में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगा।
WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, UAE एक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव के लिए लॉबिंग कर रहा है, ताकि सैन्य कार्रवाई को मंज़ूरी मिल सके। अरब अधिकारियों ने बताया कि अमीराती राजनयिकों ने US और यूरोप तथा एशिया की सैन्य ताकतों से आग्रह किया है कि वे जलडमरूमध्य को ज़बरदस्ती फिर से खोलने के लिए एक गठबंधन बनाएं।
UAE के एक अधिकारी ने कहा कि ईरानी शासन का मानना है कि वह "अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है" और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को रोककर "वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी अपने साथ नीचे गिराने" को तैयार है। इसके साथ ही, उनकी तेल और गैस सुविधाओं पर बार-बार हो रही बमबारी ने खाड़ी देशों को इस निष्कर्ष पर पहुँचा दिया है कि तेहरान की आक्रामकता को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
अधिकारी ने आगे कहा कि देश सक्रिय रूप से इस बात पर विचार कर रहा है कि वह इस जलमार्ग को सुरक्षित करने में सैन्य भूमिका कैसे निभा सकता है, जिसमें समुद्री सुरंगों (mines) को हटाना और अन्य सहायता सेवाएँ प्रदान करना शामिल है।
एक अधिकारी ने जर्नल को बताया कि सैन्य कार्रवाई के लिए UAE का ज़ोर देना उसकी रणनीतिक सोच में एक "बुनियादी बदलाव" है। उसने लंबे समय तक ईरान के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखे थे, और युद्ध से पहले वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश भी की थी।
उन राजनयिक प्रयासों में ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी का अबू धाबी दौरा भी शामिल था, जिनकी बाद में एक हवाई हमले में मौत हो गई थी।
अब, ऐसा लगता है कि UAE, ट्रंप की उस सोच के साथ तालमेल बिठा रहा है जिसमें सहयोगियों से सैन्य बोझ का ज़्यादा हिस्सा उठाने की उम्मीद की जाती है—विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के मामले में।
अरब अधिकारियों ने यह भी बताया कि UAE ने सुझाव दिया है कि US को जलडमरूमध्य में मौजूद कुछ प्रमुख द्वीपों पर कब्ज़ा कर लेना चाहिए, जिनमें अबू मूसा भी शामिल है। इस विवादित द्वीप पर UAE अपना दावा करता है, लेकिन दशकों से इस पर ईरान का नियंत्रण रहा है।