By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 01, 2023
शक्तिशाली सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की भारत की दावेदारी का समर्थन करते हुए ब्रिटिश सरकार ने अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में संयुक्त राष्ट्र में सुधार की मांग दोहराई है। भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार की मांग करने वाले अग्रणी देशों में है और उसका कहना है कि वह इस विश्व निकाय में स्थायी सीट की अहर्ता रखता है। मौजूदा समय में यूएनसीसी के अमेरिका, चीन, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन सहित पांच स्थायी सदस्य हैं जिन्हें किसी भी प्रस्ताव पर वीटो का अधिकार प्राप्त है। लंदन स्थित चैथम हाउस थिंक टैंक में बृहस्पतिवार को आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्रिटिश विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने मौजूदा समय की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने के लिए बहु पक्षीय प्रणाली को पुनजीर्वित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे यह स्पष्ट है कि बहुपक्षीय प्रणाली में सबसे गरीब और सबसे कमजोर देशों की आवाज सुनी जानी चाहिए। इसलिए हमने जी-20 के लिए अफ्रीकी संघ की सदस्यता का समर्थन किया है और इस संदर्भ में भारत के नेतृत्व का समर्थन करते हैं।’’ क्लेवरली ने ब्रिटेन की अन्य प्राथमिकताओं में वित्त तक आसान व त्वरित पहुंच और निवेश के अधिकतम प्रभाव को बताया। उन्होंने एक और सर्वोच्च प्राथमिकता बताई कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्वांटम कंप्यूटिंग में मानव जाति की समस्या समाधान क्षमताओं को बदलने की क्षमता है। क्लेवरली ने कहा “मैं इस मुद्दे पर अगले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता करूंगा। और प्रधान मंत्री (ऋषि सुनक) इस शरद ऋतु में एक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।