संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने उत्तराखंड त्रासदी पर जताया दुख, मदद का बढ़ाया हाथ

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 08, 2021

संयुक्त राष्ट्र। भारत में उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में रविवार को नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूट जाने के कारण ऋषिगंगा घाटी में अचानक आई भीषण बाढ़ में जानमाल के नुकसान पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनिया गुतारेस ने दुख जताया और कहा कि यदि जरूरत पड़ती है तो उत्तराखंड में जारी बचाव एवं राहत कार्यों में संगठन सहयोग देने के लिए तैयार है। भीषण बाढ़ से वहां दो पनबिजली परियोजनाओं में काम कर रहे कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 125 से ज्यादा मजदूर लापता हैं। गंगा की सहायक नदियों--धौली गंगा, ऋषि गंगा और अलकनंदा में बाढ़ से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में दहशत फैल गयी और बड़े पैमाने पर तबाही हुई।

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गुतारेस के वक्तव्य के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा कि उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की घटना पर ‘‘संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जो संवेदनाएं व्यक्त की हैं उनकी हम सराहना करते हैं।’’ इससे पहले संरा महासभा के अध्यक्ष वोल्कन बाजेकिर ने कहा था कि उत्तराखंड में हालात पर वह नजर रख रहे हैं जहां ग्लेशियर टूटने के कारण विकराल बाढ़ आई है। अधिकारियों का कहना है कि सात शव मिल चुके हैं जबकि कम से कम 125 लोग लापता हैं। बोजकिर ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘‘मैं भारत के उत्तराखंड की घटना से संबंधित खबरों पर नजर रख रहा हूं, जहां ग्लेशियर टूटने के कारण कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई तथा 140 लोग लापता हैं।

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