संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने समुद्री सुरक्षा पर भारत के अध्यक्षीय वक्तव्य को स्वीकार किया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 11, 2021

संयुक्त राष्ट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूनएनएससी) की खुली चर्चा के बाद, भारत के अध्यक्षीय वक्तव्य में चीन को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट रूप से इस बात की पुष्टि की गई है कि 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन में सामुद्रिक गतिविधियों के लिए कानूनी ढांचा निर्धारित किया जा चुका है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने एक वीडियो संदेश में कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में समुद्री सुरक्षा पर हुई उच्चस्तरीय बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक रही।

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भारत के इस अध्यक्षीय वक्तव्य को सुरक्षा परिषद द्वारा अपनाए जाने को चीन के लिये कड़ा संदेश माना जा रहा है, जो दक्षिण चीन सागर समेत विभिन्न समुद्री क्षेत्रों पर अपना दावा जताता रहा है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है। इससे पहले, सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय खुली परिचर्चा की अध्यक्षता की थी। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत विवादों के शांतिपूर्ण समाधान समेत समावेशी समुद्री सुरक्षा रणनीति के लिए पांच सिद्धांत पेश किये।

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