Prabhasakshi NewsRoom: चाचा Pawar ने ठुकराई भतीजे Ajit की अपील, बोले- BJP का साथ कभी नहीं दे सकता

By नीरज कुमार दुबे | Jul 17, 2023

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा है कि वह भाजपा को समर्थन नहीं दे सकते और विकासशील राजनीति की विचारधारा पर आगे बढ़ते रहेंगे। पवार का यह बयान उनके भतीजे अजित की उस अपील के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने अपने चाचा से नाराजगी छोड़कर भाजपा के साथ आने की अपील की थी। हम आपको बता दें कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने गुट में शामिल कई अन्य मंत्रियों के साथ मुंबई में रविवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की थी। राकांपा के दोफाड़ होने के बाद अजित पवार गुट और शरद पवार के बीच यह पहली बैठक थी। अजित पवार ने राकांपा मंत्रियों- हसन मुशरिफ, छगन भुजबल, अदिति तटकरे और दिलीप वाल्से पाटिल के साथ राज्य सचिवालय 'मंत्रालय' के पास स्थित वाईबी चव्हाण केंद्र में शरद पवार से मुलाकात की थी। शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल और पार्टी नेता जितेंद्र अवहाड भी वाईबी चव्हाण केंद्र में हुई इस बैठक में पहुंचे थे। हम आपको यह भी याद दिला दें कि इससे पहले, शुक्रवार को अजित पवार ने राकांपा प्रमुख के ‘सिल्वर ओक’ स्थित आधिकारिक आवास में जाकर अपनी चाची प्रतिभा पवार से मुलाकात की थी जिनकी एक अस्पताल में सर्जरी हुई है। अजित को अपनी चाची का काफी नजदीकी समझा जाता है और चाची ने ही अजित को वर्ष 2019 में राकांपा में वापस लाने में अहम भूमिका निभाई थी।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र शिक्षा के विभिन्न सूचकांक पर प्रगति कर रहा है : फडणवीस

शरद पवार ने साफ कह दिया है कि भाजपा का कभी भी समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा है कि हमारी पार्टी अपनी विचारधारा से कभी नहीं डिगेगी। उन्होंने कहा है कि हम पार्टी को फिर से खड़ा करने का प्रयास करेंगे। इस बीच, खबर आई कि शरद पवार विपक्षी दलों की बैंगलुरु में आयोजित बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे जिससे तमाम तरह की अटकलों को बल मिला लेकिन अब उनके नेतृत्व वाली राकांपा ने साफ कर दिया है कि शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले विपक्षी दलों की बैठक में हिस्सा लेने बैंगलुरु जाएंगे।

इस बीच, महाराष्ट्र विधानसभा सत्र की आज हंगामेदार शुरुआत हुई। महा विकास अघाड़ी के विधायकों ने महाराष्ट्र विधानसभा सत्र से पहले विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। हम आपको यह भी बता दें कि विपक्षी खेमे में शामिल शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने विधानसभा के मॉनसून सत्र की पूर्व संध्या पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से रविवार को आयोजित चाय पार्टी का बहिष्कार किया था। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि लगता है कि वे उम्मीद खो चुके हैं और भ्रमित हैं। शिंदे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य में विपक्षी दल शायद ही कहीं दिखते हैं और लोगों को उनकी तलाश करनी पड़ेगी।

प्रमुख खबरें

Goa Assembly में ही होगी Anti Conversion Bill पर चर्चा, CM Pramod Sawant ने किया साफ

China Nepal Floods: सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ से 359 मौतें, 288 भारतीय लापता

Varalakshmi Vrat 2026: वरलक्ष्मी व्रत पर बरसेगी मां की असीम कृपा, जानें Importance और कलश स्थापना के नियम

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को भद्रा मुक्त शुभ मुहूर्त, जानें Rakhi बांधने का सटीक Time और Rituals