Bihar Election Issues: बिहार चुनाव में NDA के लिए मुसीबत बनेगा बेरोजगारी का मुद्दा, नीतीश की नीतियों की होगी अग्निपरीक्षा

By अनन्या मिश्रा | Oct 24, 2025

बिहार विधानसभा चुनावों के तारीखों की चुनाव आयोग ने औपचारिक घोषणा कर दी है। वहीं 121 सीटों पर चरण उत्तर बिहार में तो वहीं 122 सीटों पर दूसरा चरण दक्षिण बिहार में होना हैं। 06 नवंबर को पहले चरण का चुनाव होगा, जोकि महापर्व छठ पूजा के करीब एक सप्ताह बाद है। वहीं इस महापर्व के दौरान देश भर में रहने वाले बिहारवासी अपने-अपने घर छुट्टी लेकर पहुंचते हैं। वहीं चुनाव का दूसरा चरण 11 नवंबर को होना है। वहीं विधानसभा चुनाव की मतगणना 14 नवंबर को होगी। ऐसे में चुनाव प्रचार के लिए सिर्फ एक महीने का समय बचा है, तो चुनावी बयार किस तरफ बह रही है और साथ ही बिहार चुनाव के मुख्य मुद्दे क्या हैं, जोकि 14 नवंबर को चुनाव के नतीजे तय करेंगे।

इसे भी पढ़ें: अमित शाह के बाद मोदी ने भी बढ़ाई नीतीश कुमार की टेंशन, CM Face को लेकर PM ने नहीं दिया कोई स्पष्ट संकेत

बेरोजगारी का मुद्दा

बिहार विधानसभा चुनाव के तूफान में बेरोजगारी का मुद्दा काफी अहम है। 20 सालों तक सत्ता में रहने के बाद भी एनडीए सरकार अब अभूतपूर्व सत्ता-विरोधी लहर का सामना करने को मजबूर है। इसके पीछे की मूल वजह रोजगार के अवसरों में कमी का होना शामिल है। हालांकि नीति आयोग के अनुसार, राज्य में बेरोजगारी की दर 2022-23 में 3.9 फीसदी थी। बिहार मुख्य रूप से कृषि और गांवों पर आधारित प्रदेश है और यहां पर बेरोजगारी दर अधिक है।

यही वजह है कि राज्य के भविष्य के निर्माता युवा अब निराश हैं। रोजगार को लेकर युवाओं के सपने सरकार की निष्क्रियता के कारण दम तोड़ रहे हैं। युवाओं के असंतोष की यह खामोश लहर बिहार के चुनावी माहौल में हर जगह साफ महसूस की जा सकती है। मतदाताओं को सीएम नीतीश कुमार के लंबे शासन की बुनियाद पर सवाल उठाने के लिए मजबूर कर रही है। मुख्य रूप से बेरोजगार युवाओं की वजह से सत्ता विरोधी रुझान हैं, जोकि बड़े पैमाने पर अलग-थलग पड़ चुके हैं।

राज्य में रोजगार के लिए युवा पलायन करने को मजबूर हैं। युवाओं के पास शिक्षा तो है, लेकिन रोजगार नहीं हैं। वहीं अधिकांश बिहारियों की आर्थिक स्थिति कमजोर है और मजदूर, छोटे किसान और असंगठिक कर्मचारी आजीविका के लिए कठिन संघर्ष कर रहे हैं। बिहार में नौकरियां पैदा करने की जरूरत है। बता दें कि नौकरियों की तलाश में 3.16 करोड़ बिहारियों ने सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। जोकि यूपी के बाद दूसरे स्थान पर है।

हालांकि मतदाताओं को लुभाने के लिए तमाम राजनैतिक पार्टियों ने एक से बढ़कर एक लुभावने वादे करने शुरू कर दिए हैं। वहीं राज्य में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने मौजूदा एनडीए सरकार को घेरना शुरूकर दिया है। आज से करीब 1 महीने बाद यानी की 14 नवंबर को वोटों की गिनती के साथ ही यह पता चल जाएगा कि अगले 5 सालों तक कौन सत्ता पर राज करेगा।

प्रमुख खबरें

वेनेज़ुएला त्रासदी के एक दिन बाद फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप

West Bengal में अब ISKCON देगा Mid-Day Meal, बच्चों की थाली से अंडा गायब, Food Politics पर बवाल

Smartphone की Battery Life बढ़ाएगी ये Secret Trick, बस इन सेटिंग्स को फौरन OFF करें

जांच कमेटी की क्लीन चिट (व्यंग्य)