By अनन्या मिश्रा | Feb 19, 2025
मंदिर की मान्यता
इसके अलावा नाग पंचमी के दिन सर्पदोष से मुक्ति पाने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। वहीं मंदिर के प्रांगण में पिछले कई सालों से विशाल मेले के आयोजन किए जाने की परंपरा चली आ रही है। इस वजह से सिर्फ औरंगाबाद के ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु लोग यहां जुटते हैं। इस दौरान बख्स बाबा स्थित नागदेवता की पूजा-अर्चना की जाती है।
श्रद्धालुओं की मानें, तो इस मंदिर में मांगी गई मुराद को बख्स बाबा जरूर पूरा करते हैं। वहीं मंदिर के प्रधान पुजारी ने बताया कि इस मंदिर की अनोखी महिमा है। यहां पर साक्षात नागराज विराजमान हैं। पुजारी ने बताया कि दूध और लावा चढ़ाने वाले भक्तों को सांप के काटने का असर नहीं होता है। उन्होंने बताया कि सांप के डंसने पर बहुत सारे लोग ठीक होकर अपने घर गए हैं। यह मंदिर वर्षों पुराना है और इस मंदिर पर लोगों की काफी आस्था है और इस मंदिर के प्रति लोग का अटूट विश्वास है।