संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा से खुद को किया अलग, कहा- कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 26, 2021

नयी दिल्ली। किसान संघों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा में शामिल लोगों से मंगलवार को खुद को अलग कर लिया और आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ कर ली है, अन्यथा आंदोलन शांतिपूर्ण था। संघ ने अवांछित और अस्वीकार्य घटनाओं की निंदा की है और खेद जताया है। कुछ किसान समूहों द्वारा पहले से तय रास्ता बदलने के बाद परेड हिंसक हो गई है। संयुक्त किसान मोर्चा में किसानों के 41 संघ हैं। वह दिल्ली की कई सीमाओं पर केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन की अगुवाई कर रहा है। 

संयुक्त किसान मोर्चा का बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी के कई स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई हैं। एक ट्रैक्टर के पलट जाने के बाद एक किसान की दिल्ली के आईटीओ पर मौत हो गई। पुलिस ने शहर के कई स्थानों पर किसानों को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। बयान में कहा गया है, हम अपने आप को ऐसे सभी तत्वों से अलग करते हैं जिन्होंने हमारा अनुशासन तोड़ा है। हम परेड के मार्ग और नियमों पर चलने के लिए और किसी भी हिंसक कृत्य या ऐसी किसी भी चीज़ में लिप्त नहीं होने की सभी से दृढ़ता से अपील करते हैंजो राष्ट्रीय प्रतीकों और गरिमा को प्रभावित करती है। हम सभी से अपील करते हैं कि वे ऐसे किसी भी कृत्य से दूर रहें। 

इसे भी पढ़ें: ITO पर ट्रैक्टर पलटने से एक प्रदर्शनकारी किसान की हुई मौत, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं ले जाने दे रहे प्रदर्शनकारी 

बयान में कहा गया है कि हम आज तय की गई कई परेडों के संबंध में सभी घटनाओं की पूरी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही पूरा बयान साझा करेंगे। हमारी सूचना के मुताबिक, कुछ खेदजनक उल्लंघनों के अलावा परेड योजना के अनुसार शांतिपूर्ण निकाली जा रही है। हाथों में डंडे, तिरंगा व किसान संघ के झंडे थामें हजारों किसानों ने ट्रैक्टरों पर सवार होकर बैरिकेड तोड़ दिए और कई स्थान पर पुलिस के साथ संघर्ष किया तथा लाल किले को घेर लिया एवं झंडे फहराने वाले खंभे पर चढ़ गए। अधिकतर पंजाब, हरियाणा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान 28 नवंबर से दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि तीन कृषि कानूनों को रद्द किया जाए और एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।

प्रमुख खबरें

Strait of Hormuz में Security Threat गंभीर, UK की चेतावनी के बाद जहाजों को किया गया अलर्ट

Datia में BJP का चौंकाने वाला दांव! Datia में Narottam Mishra का कटा टिकट, Ashutosh Tiwari को मौका

अमेरिका ने बम से उड़ाया चीन-ईरान रेल ट्रैक, बीजिंग का भड़का गुस्सा

राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने पर 15 जुलाई से शुरू होगा सालभर चलने वाला ‘अमृत महोत्सव’