By अभिनय आकाश | Oct 02, 2026
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज़ हो गई हैं और राजनीतिक पार्टियां अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिशें बढ़ा रही हैं। हालांकि I.N.D.I.A ब्लॉक और NDA के बीच सीटों के बंटवारे पर अभी कोई फ़ैसला नहीं हुआ है, लेकिन गठबंधन के सहयोगी दल ज़्यादा सीटें पाने के लिए दबाव बना रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी (SP) कांग्रेस को इतनी ज़्यादा सीटें देने के पक्ष में नहीं है और इसके बजाय पार्टियों के चुनावी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें बहुत कम सीटें देने पर विचार कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कई बार संकेत दिया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने कई मौकों पर पार्टी की इस मांग के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है। सूत्रों का कहना है कि सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता समाजवादी पार्टी पर दबाव भी बना रहे हैं। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, SP दबाव में आकर अपने प्रस्तावित फॉर्मूले में कोई बड़ा बदलाव करने को तैयार नहीं दिख रही है।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव से पहले गठबंधन किया था, जिसमें दोनों पार्टियां 298:105 के सीट-बंटवारे फॉर्मूले पर सहमत हुई थीं। इस व्यवस्था के तहत, SP को राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से 298 सीटों पर चुनाव लड़ना था, जबकि कांग्रेस को 105 सीटें दी गई थीं। हालांकि, इस फॉर्मूले को लागू करने में कुछ दिक्कतें आईं और आखिरकार दोनों पार्टियों ने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए। चुनाव में SP ने कुल 311 सीटों पर और कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा। SP ने 47 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस पार्टी 2017 में केवल सात सीटों पर ही सिमट गई।