कड़ी निगरानी के बीच शुरू हुई यूपी बोर्ड परीक्षाएं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 25, 2022

लखनऊ| माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा बृहस्पतिवार को कड़ी निगरानी के बीच शुरू हुई। दुनिया में अपनी तरह की सबसे बड़ी परीक्षा कहे जाने वाले इस इम्तिहान में कुल 51 लाख 92 हजार 689 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कड़ी निगरानी के बीच शुरू हो गई हैं और दो पालियों में यह परीक्षाएं आगामी 12 अप्रैल तक चलेंगी।

उन्होंने बताया कि पहले दिन अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा किया और नकल विहीन परीक्षा के लिए जरूरी इंतजाम का जायजा लिया। बोर्ड ने 861 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील तथा 254 केंद्रों को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। परीक्षा की व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।

इसके माध्यम से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए कुल 2,97,124 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सीधे प्राप्त होगी और पूरे प्रदेश में बनाए गए स्ट्रांग रूम के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एक टीम संपूर्ण परीक्षा पर बारीकी से नजर रखेगी। इसके अलावा जिला स्तर पर 75 तथा विद्यालय स्तर पर 8,373 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं परीक्षा पर नजर रखने के लिए 8,373 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।

इस बार हाई स्कूल में 15 लाख 53 हजार 198 छात्र तथा 12 लाख 28 हजार 456 छात्राएं परीक्षा देंगी। वहीं, इंटरमीडिएट में 13 लाख 24 हजार 200 छात्र तथा 10 लाख 86 हजार 835 छात्राएं इम्तिहान देंगी।

कुल 51,92,689 परीक्षार्थी इस बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। संख्या के लिहाज से यूपी बोर्ड परीक्षाओं को दुनिया की सबसे बड़े पैमाने पर आयोजित की जाने वाली परीक्षा माना जाता है।

बोर्ड परीक्षाएं कराने के लिए कुल 8,373 केंद्र बनाए गए हैं इनमें 497 राज्य की 3,589 अशासकीय सहायता प्राप्त तथा 4,307 वित्तविहीन विद्यालय शामिल है।

प्रमुख खबरें

NCLT ने SBI के ₹12,668 करोड़ बकाये में Venugopal Dhoot को दिवालिया घोषित किया

Ramayana Part 1 Day 1 Box Office Collection | भारत और दुनियाभर में Ranbir Kapoor-Yash की फिल्म ने रचा इतिहास, यहां देखें कमाई के आंकड़े

Delhi Police का बड़ा फैसला: ड्यूटी पर घायल 250 कर्मियों को ₹25000 तक की वित्तीय मदद

UP में 2017 से पहले भर्तियों में चलता था सैफई सिंडिकेट, Yogi Adityanath ने साधा निशाना