By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 09, 2026
लखनऊ, नौ अक्टूबर उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर 1,725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एक बयान के अनुसार, योजना का उद्देश्य शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इन बसों के अनुबंध की अवधि वाणिज्यिक संचालन शुरू होने से 12 वर्ष होगी। जीसीसी मॉडल के तहत निजी ऑपरेटर बसों की खरीद, चार्जिंग उपकरणों की व्यवस्था, चालकों एवं तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती तथा संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे। किराया सरकार तय करेगी, जबकि ऑपरेटरों को निर्धारित प्रदर्शन मानकों के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
सरकार ने 12 मीटर लंबी प्रत्येक बस के लिए 40 लाख रुपये और नौ मीटर लंबी बस के लिए 35 लाख रुपये का अनुदान देने का निर्णय लिया है। डिपो निर्माण के लिए संबंधित नगर निगम और नोएडा प्राधिकरण जमीन निःशुल्क उपलब्ध कराएंगे। सरकार के अनुसार, निजी निवेश से सरकारी खर्च का बोझ कम होगा और परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
बसों की खरीद में निर्धारित नीति के तहत उत्तर प्रदेश में निर्मित बसों को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव है, जिससे स्थानीय उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।