By अंकित सिंह | Dec 20, 2023
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन की कोई बैठक के बाद से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार कहीं ना कहीं खुद को अलग-थलग पा रहे हैं। उन्हें भी इस बात का एहसास होने लगा है कि भले ही उनके द्वारा विपक्षी एकता की कोशिश की गई, लेकिन अब पूरा का पूरा कमान कांग्रेस के हाथों में आ चुका है। यही कारण है कि बैठक के दौरान नीतीश के गुस्से को लेकर भी खबर निकलकर सामने आई है। नीतीश कुमार को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि गठबंधन में उनकी भूमिका को भी सीमित करने की कोशिश की जा रही है। इन सब के बीच कभी नीतीश कुमार के करीबी रहे और वर्तमान में एनडीए में मौजूद उपेंद्र कुशवाहा ने उन पर तंज कसा है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री बनने का सपना लेकर 2022 में दूसरी बार भाजपा से नाता तोड़ा था और अब पटना में अपने पक्ष में पोस्टर लगवा कर बड़ी उम्मीद से गठबंधन की दिल्ली बैठक में गए थे, लेकिन किसी ने संयोजक पद के लिए भी उनके नाम का प्रस्ताव नहीं किया। प्रधानमंत्री-पद की उम्मीदवारी तो बहुत दूर की बात है। मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार को न माया मिली, न राम। वे खाली हाथ जब पटना लौटेंगे, तब जदयू के लिए कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाये रखना मुश्किल होगा। पार्टी में भगदड़ मच सकती है।